नई दिल्ली, फरवरी 12। बजाज ग्रुप के पूर्व चेयरमैन और बिजनेसमैन राहुल बजाज का शनिवार को निधन हो गया। 83 साल के राहुल बजाज ने पुणे में अंतिम सांस ली और वे लंबे समय से कैंसर से पीड़ित थे। राहुल बजाज 83 वर्ष के थे। भारत सरकार ने 2001 में राहुल बजाज को पद्म भूषण से नवाजा था। 2006 से 2010 तक राहुल बजाज राज्यसभा के सदस्य भी रहे थे। राहुल बजाज ने पांच दशकों में बजाज समूह को उसकी बुलंदियों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनका जन्म 10 जून 1938 को कोलकाता में हुआ था। उन्होंने बजाज समूह की कमान 60 के दशक में संभाली ली। 2005 में उन्होंने अपना चेयरमैन का पद छोड़ दिया था। इसके बाद उनके बेटे राजीव बजाज ने ये जिम्मेदारी संभाली।
भारतीय कॉर्पोरेट विज्ञापन उद्योग में कंपनी के दोपहिया वाहन के लिए सबसे प्रसिद्ध टैगलाइनों में 'आप बस बजाज को हरा नहीं सकते' और 'हमारा बजाज' खूब लोकप्रिय रहे हैं। यह एक समय में मध्यमवर्गीय परिवार की पसंद हुआ करता था और ऐसे प्रसिद्ध टैगलाइनों के जरिये बजाज के दोपहिया वाहन को घर-घर में लोकप्रिय बनाने में राहुल बजाज का अहम योगदान रहा है।
पिछले साल दिया था इस्तीफा
भारतीय उद्योगति राहुल बजाज 1965 में बजाज ऑटो में एक कार्यकारी अधिकारी के रूप में काम करना शुरू किया। बजाज को ऑटोमोटिव इंडस्ट्री में विकसित करने में राहुल बजाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। पिछले साल राहुल बजाज ने बजाज ऑटो के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया था। वह पांच दशकों से अधिक समय से बजाज ऑटो के प्रभारी रहे थे।1965 में राहुल बजाज बजाज ऑटो के सीईओ बने, तब उनकी उम्र 30 के करीब थी। इस दौरान वह सीईओ का पद संभालने वाले सबसे युवा भारतीयों में से थे।
राहुल बजाज ने अर्थशास्त्र और कानून की पढ़ाई की थी। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में ऑनर्स की डिग्री, बॉम्बे विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री और हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से एमबीए भी किया था। 2008 में उन्होंने बजाज ऑटो को तीन यूनिट में बांट दिया था। इसमें बजाज ऑटो, फाइनेंस कंपनी बजाज फिनसर्व और एक होल्डिंग कंपनी। राहुल बजाज भारत के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान एक उद्योगपति और मोहनदास करमचंद गांधी के प्रमुख समर्थक जमनालाल बजाज के पोते थे।
उद्योगपति राहुल बजाज के निधन पर इधर, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि यशस्वी उद्योजक, समाजसेवी और बजाज के पूर्व चेयरमैन राहुल बजाज जी को मेरी भावभीनी श्रद्धांजलि। पद्म भूषण से सम्मानित राहुल जी से मेरे अनेक वर्षों से व्यक्तिगत संबंध रहे हैं।
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