नई दिल्ली, सितंबर 07। यदि आप फॉरेक्स प्लेटफॉर्म के जरिए ट्रेड करते हैं तो यह खबर आपके काम की है। असल में आपको काफी सतर्क होने की जरूरत है। असल में भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को कहा कि वह उन इंटिटीज को लेकर 'अलर्ट लिस्ट' रखेगी, जो न तो विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 (फेमा) के तहत विदेशी मुद्रा (फॉरेक्स) में लेनदेन के लिए अधिकृत हैं और न ही विदेशी मुद्रा लेनदेन के लिए इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म संचालित करने के लिए अधिकृत हैं।
आरबीआई ने फरवरी 2022 में एक विज्ञप्ति जारी कर लोगों को अनाधिकृत इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म (ईटीपी) पर विदेशी मुद्रा लेनदेन नहीं करने या अनधिकृत विदेशी मुद्रा लेनदेन के लिए पैसे भेजने / जमा करने को लेकर चेतावनी जारी की थी। केंद्रीय बैंक ने इस लिस्ट को उन विक्रेताओं के लिए पब्लिश करने का निर्णय लिया है, जिनके खिलाफ उन्होंने चेतावनी दी है। इसे कुछ ईटीपी के अथॉाराइजेशन स्टेटस पर स्पष्टीकरण मांगने वाले रेफ्रेंस प्राप्त होते रहते हैं। हालाँकि, कंपनियों की सूची संपूर्ण नहीं है।
इस लिस्ट में अल्पारी, एनीएफएक्स, एवा ट्रेड, बिनोमो ईटोरो, एक्सनेस एक्सपर्ट ऑप्शन, एफबीएस, फिनएफएक्सप्रो, फॉरेक्स.कॉम, फॉरेक्स4मनी, फॉक्सोरेक्स, एफटीएमओ, एफवीपी ट्रेड, एफएक्सप्रिमस, एफएक्सस्ट्रीट, एफएक्ससीएम, एफएक्स नाइस, एफएक्सटीएम, हॉटफोरेक्स, आईबेल मार्केट्स, आईसी मार्केट्स, आईफोरेक्स, आईजी मार्केट्स, आईक्यू ऑप्शन, एनटीएस फॉरेक्स ट्रेडिंग, ऑक्टाएफएक्स, ओलिम्प ट्रेड, टीपी ग्लोबल फॉरेक्स, ट्रेड साइट एफएक्स, अर्बन फॉरेक्स ट्रेड और एक्सएम एक्सटीबी शामिल हैं।
केंद्रीय बैंक ने यह भी दोहराया कि रेसिडेंट व्यक्ति केवल अधिकृत व्यक्तियों के साथ और अनुमत उद्देश्यों के लिए विदेशी मुद्रा लेनदेन कर सकते हैं। जबकि अनुमत (जिसकी अनुमति है) विदेशी मुद्रा लेनदेन इलेक्ट्रॉनिक रूप से किए जा सकते हैं, उन्हें केवल आरबीआई या मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों जैसे नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड, बीएसई लिमिटेड और मेट्रोपॉलिटन स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड द्वारा अधिकृत ईटीपी पर ही किया जाना चाहिए।
आरबीआई ने पहले ही 13 अधिकृत ईटीपी की पहचान कर ली है। इनमें एफएक्स-क्लीयर, एनडीएस-कॉल, एनडीएस-ओएम, क्रॉम्स, ट्रेप्स, एस्ट्रॉयड और एफएक्स-स्वैप शामिल हैं। एक ईटीपी को किसी मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज के अलावा किसी भी इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम या सुविधा के रूप में परिभाषित किया गया है, जो सिक्योरिटीज, करेंसी मार्केट के उपकरणों, विदेशी मुद्रा और डेरिवेटिव जैसे पात्र उपकरणों की खरीद और बिक्री की सुविधा प्रदान करता है।
बता दें कि फेमा का मुख्य उद्देश्य भारत में बाहरी व्यापार और भुगतान को सुविधाजनक बनाने में मदद करना है। इस अधिनियम का उद्देश्य भारत के विदेशी मुद्रा बाजार के व्यवस्थित विकास और रखरखाव में मदद करना भी है।
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