India's foreign exchange reserves decreased: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की तरफ से भारत के विदेशी मुद्रा भंडार के आंकड़े जारी किए गए हैं। इस आंकड़ों के अनुसार भारत का फॉरेक्स रिजर्व में लगातार दूसरे सप्ताह कम हुआ।

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जिस देश के पास मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार होता है, उस देश की आर्थिक स्थिति भी अच्छी मानी जाती है। ऐसा इसलिए होता है कि अगर दुनिया में कोई दिक्कत आ जाए तो देश अपनी जरूरत का सामान कई माह तक आसानी से मंगा सकता है। इसीलिए दुनिया के बहुत से देश अपने विदेशी मुद्रा भंडार को काफी मजबूत बना कर रखते हैं।

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आरबीआई के अनुसार 25 अगस्त 2023 को खत्म हफ्ते के दौरान भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 30 मिलियन अमेरिकी डॉलर घटकर 594.858 बिलियन अमेरिकी डॉलर के स्तर पर आ गया है। इससे पिछले रिपोर्टिंग सप्ताह में यह 7.273 बिलियन अमेरिकी डॉलर घटकर 594.888 बिलियन अमेरिकी डॉलर के स्तर पर आ गया।

अक्टूबर 2021 में, भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 645 बिलियन अमेरिकी डॉलर के ऑल टाइम हाई पर था। पिछले साल से वैश्विक दबाव के कारण रिजर्व बैंक ने रुपये को बचाने के लिए अपना विदेशी मुद्रा भंडार खर्च किया था, जिसका असर रिजर्व के कम होने के रूप में सामने आया।

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25 अगस्त को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा संपत्ति, जो विदेशी मुद्रा भंडार का एक प्रमुख घटक है, 538 मिलियन अमेरिकी डॉलर घटकर 527.249 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया। वहीं गोल्ड रिजर्व 530 मिलियन अमेरिकी डॉलर बढ़कर 44.354 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया।

विदेशी मुद्रा के मामले में दुनिया के टॉप 5 देश

  1. चीन : 3.38 ट्रिलियन डॉलर
  2. जापान : 1.25 ट्रिलियन डॉलर
  3. स्विट्जरलैंड : 898,588 बिलियन डॉलर
  4. भारत : 594,858 बिलियन डॉलर
  5. रूस : 578,500 बिलियन डॉलर

नोट: यह आंकड़े रविवार तक के अपडेट हैं।

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इसके अलावा आरबीआई ने कहा कि विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 11 मिलियन अमेरिकी डॉलर घटकर 18.194 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गए। समीक्षाधीन सप्ताह में आईएमएफ के साथ देश की आरक्षित स्थिति भी 12 मिलियन अमेरिकी डॉलर कम होकर 5.061 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गई।