मुंबई। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 24 जुलाई को समाप्त सप्ताह के दौरान 4.99 अरब डॉलर बढ़कर 522.63 अरब डॉलर के रिकार्ड स्तर पर पहुंच गया। भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई के ताजा आंकड़ों में शुक्रवार को यह जानकारी दी गई।

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इससे पहले यह था स्तर

इससे पूर्व के सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 1.275 अरब डॉलर बढ़कर 517.637 अरब डॉलर हो गया था। 5 जून को समाप्त सप्ताह में पहली बार देश का विदेशी मुद्रा भंडार 500 अरब डॉलर के स्तर से ऊपर निकला था। उस समय यह 8.223 अरब डॉलर की जोरदार वृद्धि के साथ 501.703 अरब डॉलर हो गया था।

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ये है विदेशी मुद्रा भंडार का विवरण

देश के विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि होने का कारण 24 जुलाई को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा आस्तियों (एफसीए) का बढ़ना है, जो कुल मुद्रा भंडार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, समीक्षाधीन सप्ताह में विदेशी मुद्रा आस्तियां 3.60 अरब डॉलर बढ़कर 480.48 अरब डॉलर हो गईं। रिजर्व बैंक के अनुसार, समीक्षाधीन सप्ताह में गोल्ड रिजर्व 1.357 अरब डॉलर बढ़कर 36.10 अरब डॉलर हो गया।

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आईएमएफ आहरण अधिकार भी बढ़ा

रिजर्व बैंक के आंकड़े दर्शाते हैं कि समीक्षाधीन सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष में विशेष आहरण अधिकार 90 लाख डॉलर बढ़कर 1.464 अरब डॉलर हो गया, जबकि आईएमएफ में देश का आरक्षित मुद्रा भंडार 2.5 करोड़ डॉलर बढ़कर 4.585 अरब डॉलर हो गया।

कोरोना काल में भी बढ़ रहा विदेशी मुद्रा भंडार

देश का विदेशी मुद्रा भंडार कोरोना काल में भी बढ़ रहा है। इसके दो मुख्य कारण हैं। पहला है कि देश का निर्यात घटने के साथ ही आयात भी घटा है। इससे विदेशी मुद्रा कम खर्च हो रही है। वहीं रिलायंस में दुनियाभर की कंपनियों ने निवेश किया। यह निवेश 20 बिलियन डालर से ज्यादा का है। पहले हुए निवेश के सौदे के बदले में अब डालर भारत में आ रहे हैं।

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