नयी दिल्ली। मासिक सैलेरी पाने वालों के लिए एक जरूरी खबर है। सरकार ने लोगों की मासिक सैलेरी से कटने वाले टैक्स डिडक्शन एट सोर्स या टीडीएस के नियमों में एक बड़ा बदलाव किया है। यदि आपकी मासिक सैलेरी में से टीडीएस कटता है तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। यदि आपकी सैलेरी इतनी है कि टीडीएस कटे तो आपको पैन या आधार नंबर जरूर देना होगा। वरना आपके वेतन में से अनिवार्य 20 फीसदी टीडीएस काटा जायेगा। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड या सीबीडीटी की तरफ से जारी किए गए वेतन पर टीडीएस के लिए नये सर्कुलर में बताया गया है कि सरकार द्वारा कानून में बदलाव के बाद नये नियमों में आधार को शामिल किया गया है, जिसके मुताबिक यदि आपके पास पैन नहीं है तो आप आधार का इस्तेमाल कर सकते हैं।

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अब इस तरह कटेगा टीडीएस
नये नियमों के अनुसार 2.5 लाख रुपये तक की वार्षिक सैलेरी पर कोई टैक्स नहीं कटेगा। मौजूदा टैक्स नियमों में 2.5 लाख रुपये की आय टैक्स फ्री है, जबकि 2.5 से 5 लाख रुपये तक की आय पर 5 फीसदी टैक्स कटता है। बीमा जैसी सभी छूट के बाद अगर आपकी सैलेरी 5 से 10 लाख रुपये तक आती है तो 20 टीडीएस कटेगा। इस आय के स्लैब में 20 फीसदी टैक्स ही है। इसके अलावा यदि आपकी सैलरी 30 फीसदी टैक्स स्लैब में है और आप पैन या आधार जमा न करें तो टीडीएस काटने से पहले ऐवरेज टैक्स रेट निकाली जाएगी। यदि ये रेट 20 फीसदी से अधिक हो तो टीडीएस उसी रेट से कटेगा।

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पिछले बजट में हुआ था बदलाव
पिछले बजट में सरकार ने किसी के पास पैन नहीं होने की स्थिति में आधार को साझा करने के लिए कानून में संशोधन किया था। इन दो नंबरों को इंटरऑपरेबल बनाया गया था। यदि किसी के पास पैन नहीं है और वह अपना आधार नंबर देता है तो कर विभाग ऑटोमैटिक रूप से पैन नंबर जनरेट करता है।

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