New Pension Scheme : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पुरानी पेंशन स्कीम को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है। वित्त मंत्री ने कहा है कि कर्मचारियों के एक वर्ग की मांग और कुछ विपक्षी पार्टियों शासित राज्यों की तरफ से पुरानी पेंशन योजना फिर से बहाल करने के फैसले के बीच नए पेंशन सिस्टम की समीक्षा की जाएगी। इसके लिए एक समिति का गठन का ऐलान किया गाय है। पुरानी पेंशन व्यवस्था के तहत कर्मचारियों को जो अंतिम सैलेरी मिलती है, उसका 50 फीसदी बतौर पेंशन दिया जाता है।
फाइनेंस बिल में 64 बदलाव
गठन किया जाने वाला पैनल वित्त सचिव टीवी सोमनाथन की अध्यक्षता में तैयार होगा। ये पैनल एक अप्रोच डेवलप करेगा जो आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए फिस्कल प्रूडेंस बनाए रखते हुए कर्मचारियों की जरूरतों को संबोधित करेगा। वित्त मंत्री ने यह जानकारी लोकसभा में वित्त विधेयक में 64 संशोधनों का ऐलान करते हुए दी है। विपक्षी दलों के विरोध के बीच 45 मिनट से भी कम समय में निचले सदन में किसी भी चर्चा के बिना ही डेब्ट फंड्स और सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स से संबंधित टैक्स बदलावों को मंजूरी दे दी गई।
कैसे बदली पेंशन व्यवस्था
सरकार के सामने पेंशन देनदारी बढ़ने की चिंता थी। इसी के मद्देनजर केंद्र सरकार ने जनवरी 2004 से, सभी नई भर्तियों के लिए एनपीएस को चुनने का विकल्प चुना, जिसमें सरकारी कर्मचारी पेंशन के लिए अपने वेतन का 10 फीसदी योगदान देते और सरकार भी इतना ही योगदान देती है। इसके बाद, मनमोहन सिंह सरकार ने भी राज्यों को एनपीएस में शामिल होने के लिए एक डिफाइंड लाभ योजना के बजाय डिफाइंड अंशदान (कर्मचारियों की ओर से योगदान) व्यवस्था चुनने को कहा।
एनपीएस के कितने हैं सब्सक्राइबर्स
इस समय इसके करीब 85 लाख ग्राहक हैं, जिनमें से 60 लाख से अधिक राज्यों के हैं और एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) 6.8 लाख करोड़ रुपये से अधिक की है। एनपीएस की शुरुआत के बाद से, केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए वार्षिक रिटर्न 9.2% से अधिक रहा है, जबकि राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए यह 9.1% से अधिक है। विपक्षी पार्टियों द्वारा शासित राज्य (राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और पंजाब) ने एनपीएस से बाहर निकलने का फैसला किया है, लेकिन वे पेंशन फंड मैनेजर्स के पास जमा पैसे का रिफंड पाने में असमर्थ हैं, क्योंकि कानून इसके लिए प्रावधान नहीं करता। रिफंड न मिलने के चलते तीन राज्यों को या तो पिछले 16-17 वर्षों के लिए फंड उपलब्ध कराना होगा या एनपीएस पर टिके रहना होगा।
More Articles
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित
- ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान
- चेन्नई रेल अपडेट: आज रात कई ट्रेनें रद्द, सफर से पहले चेक करें अपना रूट और टाइमिंग