नयी दिल्ली। कोरोना संकट से निपटने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा गत 12 मई को घोषित किए गए 20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज पर आज केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपनी तीसरी प्रेस कॉन्फ्रेंस की। पीएम मोदी ने राहत पैकेज की घोषणा करते हुए ही बता दिया था कि इस पैकेज के बारे में विस्तार से जानकारी वित्त मंत्री ही देंगी। आज पैकेज पर जानकारी देते हुए वित्त मंत्री ने किसानों, एफएमई (माइक्रो फूड एंटरप्राइजेज), पशुपालन, मछली पालन आदि के लिए कई राहत भरे ऐलान किये। आज 11 विशेष कदमों पर जानकारी दी गई, जिनमें कृषि पर अधिक फोकस रहा। इनमें से 8 का फोकस भंडारण और रसद पर और बाकी 3 शासन और प्रशासनिक सुधार पर आधारित रहे। आइये जानते हैं वित्त मंत्री के विभिन्न क्षेत्रों के लिए पैकेज और बाकी बड़े ऐलान।

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कृषि क्षेत्र के लिए 1 लाख करोड़ रुपये का ऐलान
कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 लाख करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय दोगुनी करने में लगी है। इस आर्थिक मदद से कीमत और किसानों की इनकम बढ़ाने में मदद मिलेगी।

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एफएमई के लिए 10000 करोड़ रु की सहायता
वित्त मंत्री ने 10000 करोड़ रुपये की एक खास योजना का ऐलान किया। ये 10000 करोड़ रुपये की योजना माइक्रो फूड एंटरप्राइजेज (एमएफई) के औपचारिकरण के लिए होगी, जिससे पीएम मोदी की 'Vocal for Local' पहल को बढ़ावा मिलेगा। असंगठित एमएफई इकाइयों को एफएसएसएआई के फूड मानकों को पूरा करने, ब्रांड बनाने और मार्केटिंग के लिए टेक्निकल अपग्रेडेशन की जरूरत है। ये योजना एमएफआई को इन चीजों में मदद करेगी।

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पशुधन और पशुपालन के लिए 28,343 करोड़ रु
वित्त मंत्री ने पशुधन और पशुपालन के लिए भी 28,343 करोड़ रु का ऐलान किया। इसमें से एनिमल हसबैंडरी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड के लिए 15,000 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे। यह पैसा डेयरी प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और चारा से जुड़े बुनियादी ढांचे के लिए डेवलपमेंट पर खर्च होगा। बाकी 13,343 करोड़ रुपये नेशनल एनिमल डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम पर खर्च होंगे, जिससे पशुओं का टीकाकरण होगा।

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पीएम मत्स्य संपदा योजना का ऐलान
पीएम मत्स्य संपदा योजना का ऐलान किया गया है। इस योजना से 55 लाख लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। इससे 5 सालों में मछली उत्पादन में 70 लाख टन वृद्धि की उम्मीद है। हालांकि इसकी जानकारी बाद में दी जाएगी।

मधुमक्खी पालन
मधुमक्खी पालन के लिए 500 करोड़ रुपये का ऐलान किया गया है। इससे इस क्षेत्र के बुनियादी ढांचे का विकास किया जाएगा, जिससे 2 लाख मधुमक्खी पालकों की इनकम में वृद्धि की संभावना होगी।

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हर्बल खेती को बढ़ावा
हर्बल और औषधीय पौधों को गंगा के दोनों ओर उगाया जा सकता है। इसे सुगम बनाने के लिए एक बोर्ड का गठन किया जाएगा।

किसानों के लिए खास योजना
सरकार ने राहत पैकेज में किसानों के लिए एक शानदार योजना शुरू की है। किसानों के लिए 'वन फसल-वन नेशन' योजना शुरू की जाएगी। इस योजना के तहत देश के किसी भी राज्य का किसान किसी भी अन्य राज्य के व्यापारी को अपनी फसल बेच सकेगा। इस योजना के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 में संशोधन किया जाएगा, जिसके जरिए अनाज, खाद्य तेल, ऑयलसीड, दालें, प्याज और आलू को विनियमित किया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि एक केंद्रीय कानून प्रस्तावित किया जा रहा है ताकि किसानों को अंतर-राज्य बाधाओं का सामना न करना पड़े।

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ऑपरेशन ग्रीन्स के लिए 500 करोड़ रु
ऑपरेशन ग्रीन्स को टमाटर प्याज और आलू से बढ़ा कर सभी फलों और सब्जियों तक के लिए किया जाएगा, जिसके लिए 500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यह कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं को मजबूत करने में मदद करेगा।

वित्त मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस की अन्य बड़ी बातें :
- लॉकडाउन के दौरान रबी की फसल की कटाई के उपाय किए गए
- कुछ राज्यों ने सोशल डिस्टेंसिंग को देखते हुए खरीद प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है
- फसल बीमा योजना से किसानों को लाभ दिया
- पिछले 2 महीनों में किसानों को सहारा देने के लिए कई कदम उठाए
- 2 महीनों में 6400 करोड़ रुपये का फसल बीमा भुगतान
- लॉकडाउन में 74300 करोड़ रु के कृषि उत्पाद खरीदे

इससे पहले भी वित्त मंत्री ने लगातार दो दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इनमें कल की प्रेंस कॉन्फ्रेंस में किसान, प्रवासी मजदूर, स्ट्रीट वेंडर्स और अफोर्डेबल हाउसिंग पर कई बड़े ऐलान किए गए। जबकि पहले दिन एमएसएमई और एनबीएफसी के लिए खास घोषणाएं की गई थीं।