Flipkart Amazon Give Heavy Discount Know Reason: आपने कई बार ये नोटिस किया होगा कि फिल्पकार्ट और अमेजान जैसे ऑनलाइन शॉपिंग प्लेफॉर्म पर आपको कई सारे सामान जैसे मोबाइल फोन से लेकर फ्रीज, एसी भी आपको बेहद कम कीमत में मिलता है। मान लीजिए कि ऑनलाइन आपको कोई स्मार्टवॉच 2000 को मिल रही है वहीं, बाजार में आपको वहीं, स्मार्टवॉच 2500 रुपये में मिलेगी। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आपको इतने सारे ऑफर और डिस्काउंट क्यों मिलते हैं। चलिए इसके बारे में आपको बताते हैं।

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ऑफलाइन शॉपिंग की जगह ऑनलाइन शॉपिंग करते ज्यादातर लोग

न्यूज 18 की रिपोर्ट अनुसार, व्यापारियों के संगठन 'कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स' (CAIT) और रिटेल मोबाइल विक्रेताओं के संगठन ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) से फ्लिपकार्ट और अमेजन के ऑपरेशन तुरंत निलंबित करने की मांग की है। इसके अलावा इन व्यापरी संगठनों ने फ्लिपकार्ट, अमेजन और अन्य ऑनलाइन ऐप पर गंभीर आरोप लगाए है, साथ ही ये भी जानकारी दी गई कि आखिर कैसे ये ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म प्रोडक्ट्स पर इतना तगड़ा डिस्काउंट देते हैं।

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आखिर क्यों फिल्पकार्ट और अमेजान कम पैसे में देते हैं सामान?

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सभी सामान सस्ते क्यों मिलते हैं इसे लेकर कई सारी धारणाएं बनाई गई है। सबसे पहली है कि ये ऑनलाइन कंपनी सीधे कंपनी से सामान खरीदती हैं और उसे ग्राहकों को बेच देती हैं। इसके अलावा दूसरी धारणा है ई-कॉमर्स कंपनियां अवास्तविक मूल्य निर्धारण(Unrealistic Pricing) में शामिल हैं और प्रोडक्ट्स पर भारी डिस्काउंट देने के लिए नकदी खर्च कर रही हैं।

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इसके अलवा न्यूज 18 की रिपोर्ट में बताया गया है कि कैट और एआईएमआरए ने कहा कि इस अनफेयर प्रैक्टिस के कारण मोबाइल फोन का एक अनऑथराइज्ड बाजार या ग्रे मार्केट बन रहा है। इस तरह के बाजार में कारोबारी टैक्स की चोरी करते हैं सिर्फ यही नहीं, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान हो रहा है।

व्यापारियों ने ऑनलाइन कंपनियों पर लगाया ये आरोप

न्यूज 18 के अनुसार, व्यापारियों ने ऑनलाइन कंपनियों पर आरोप लगाया है कि फॉरेन डायरेक्ट इंवेस्टमेंट पॉलिसी और अन्य एक्सचेंज फ्रेमवर्क को सही तरह से फॉलो नहीं कर रहे हैं। दिल्ली से बीजेपी सांसद और कैट के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, ''फ्लिपकार्ट और अमेजन, अवास्तविक मूल्य निर्धारण, बंपर डिस्काउंट दे रहे हैं और इससे होने वाले घाटे को लेकर उन्हें वित्तीय मदद मिल रही है, वे जो भी निवेश ला रहे हैं, उसका इस्तेमाल नकदी खर्च करने और भारत में अपने ऑपरेशन के दौरान होने वाले घाटे को पूरा करने के लिए किया जा रहा है।

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इसके अलावा एआईएमआरए ने ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ कथित तौर पर मिलीभगत करने के लिए चीनी मोबाइल फोन विनिर्माताओं वनप्लस, आईक्यूओओ और पोको के ऑपरेशन को निलंबित करने की मांग की है।