FIIs की Re-Entry: भारतीय Share Market में Foreign Institutional Investors - FIIs पिछले कई महीनों से लगातार बिकवाली कर रहे हैं। हालांकि, इस व्यापक बिकवाली के बीच कुछ ऐसे चुनिंदा शेयर भी रहे, जहां FIIs ने अपनी रणनीति बदली और दो तिमाहियों तक हिस्सेदारी घटाने के बाद फिर से खरीदारी शुरू की। दिलचस्प बात यह है कि जिन शेयरों में विदेशी निवेशकों ने वापसी की, उनमें से 6 शेयर पिछले एक साल में मल्टीबैगर साबित हुए और निवेशकों को 100% से लेकर 265% तक का शानदार रिटर्न मिला।

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ACE Equity के आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 तिमाही में FIIs ने इन छह कंपनियों में दोबारा हिस्सेदारी बढ़ाई, जिसके बाद इनके शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली।

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Bajaj Consumer Care: सुपर विनर

FII की वापसी का सबसे बड़ा फायदा Bajaj Consumer Care को मिला। जून 2025 में विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी 10.95% थी, जो सितंबर में घटकर 10.12% और दिसंबर 2025 में 9.70% रह गई थी। लेकिन मार्च 2026 तिमाही में FIIs ने जोरदार खरीदारी करते हुए अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 16.59% कर दी। इस रणनीतिक बदलाव के बाद कंपनी का शेयर करीब ₹169.80 से बढ़कर ₹619.70 पहुंच गया, यानी लगभग 265% का शानदार रिटर्न।

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Acutaas Chemicals में लगातार खरीदारी

Acutaas Chemicals में FIIs ने लगातार हिस्सेदारी बढ़ाई।

  • जून 2025: 16.94%
  • मार्च 2026: 19.48%

इस दौरान कंपनी का शेयर ₹1,130.75 से बढ़कर ₹3,248.45 पहुंच गया और निवेशकों को करीब 187% का रिटर्न मिला।

SML Mahindra में छोटी खरीदारी, बड़ा फायदा

SML Mahindra में विदेशी निवेशकों ने पहले अपनी हिस्सेदारी तेजी से घटाई थी।

  • जून 2025: 15.73%
  • सितंबर 2025: 1.80%
  • दिसंबर 2025: 0.61%

मार्च 2026 में FIIs ने हिस्सेदारी बढ़ाकर 0.77% कर दी। हालांकि हिस्सेदारी में बढ़ोतरी मामूली थी, लेकिन शेयर ने पिछले एक साल में करीब 125% का रिटर्न दिया।

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Dee Development Engineers पर भरोसा

Dee Development Engineers में FIIs की हिस्सेदारी 0.81% से बढ़कर 0.99% हुई। इस छोटे से बदलाव के बावजूद कंपनी का शेयर ₹309.80 से बढ़कर ₹677.65 पहुंच गया और निवेशकों को लगभग 119% का रिटर्न मिला।

United Foodbrands ने भी किया दोगुना

United Foodbrands में FIIs ने सितंबर 2025 की गिरावट के बाद फिर से खरीदारी शुरू की। शेयर ने पिछले एक साल में ₹316.70 से बढ़कर ₹672 तक का सफर तय किया और करीब 112% का रिटर्न दिया।

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RateGain Travel Technologies भी मल्टीबैगर

RateGain Travel Technologies में FII हिस्सेदारी जून 2025 के 5.51% से घटकर 4.97% हुई थी, लेकिन मार्च 2026 में यह बढ़कर 5.35% हो गई। इस दौरान शेयर ₹431.90 से बढ़कर ₹873.25 पहुंच गया और करीब 102% की तेजी दर्ज की।

अब किन सेक्टरों पर है विदेशी निवेशकों की नजर?

Nuvama की रणनीति

ब्रोकरेज हाउस Nuvama का मानना है कि यदि वैश्विक स्तर पर तनाव कम होता है और कच्चे तेल की आपूर्ति सामान्य रहती है, तो बाजार की अगली तेजी मांग आधारित सेक्टरों से आएगी।

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Nuvama की पसंद:

  • FMCG/Consumer
  • Cement
  • Chemicals
  • IT
  • Private Banks
  • Pharma

कम पसंद

  • Industrials
  • Metals
  • Auto
  • Power
  • JM Financial की राय

JM Financial की रणनीति

JM Financial का मानना है कि ऊंचे कच्चे तेल के दाम, कमजोर रुपया और वैश्विक अनिश्चितताएं FY27 की कमाई पर दबाव डाल सकती हैं।

ब्रोकरेज की पसंद:

  • Pharma
  • Healthcare
  • Oil & Gas
  • Metals
  • NBFC
  • Infrastructure
  • Defence

कम पसंद

  • Banks
  • Automobiles
  • IT Services

Tata Mutual Fund: Large Caps पर दांव

Tata Mutual Fund का मानना है कि अमेरिका की संभावित आर्थिक सुस्ती और डॉलर की कमजोरी से उभरते बाजारों में विदेशी निवेश बढ़ सकता है, जिसका फायदा भारत को मिलेगा।

फंड हाउस के अनुसार

  • FY27 में कॉर्पोरेट अर्निंग्स में सुधार की संभावना है
  • Large Cap कंपनियां बेहतर वैल्यूएशन और स्थिर कमाई के कारण बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं

Bandhan AMC: Small Caps पर बड़ा दांव

Bandhan AMC के CIO मनीष गुनवानी का मानना है कि अगले 3 से 5 वर्षों के नजरिए से Small Cap कंपनियां सबसे आकर्षक अवसर प्रदान कर सकती हैं।

सबसे ज्यादा ग्रोथ इन सेक्टरों में देखने को मिल सकती है

  • Manufacturing
  • Defence
  • Energy Security
  • Global Capex Themes
  • AI आधारित Infrastructure

इन 6 शेयरों की कहानी यह बताती है कि विदेशी निवेशकों की गतिविधियां कई बार बाजार के बड़े ट्रेंड से अलग भी महत्वपूर्ण संकेत देती हैं। हालांकि केवल FII की खरीदारी देखकर निवेश करना उचित नहीं माना जाता। निवेशकों को कंपनी के फंडामेंटल, वैल्यूएशन, कमाई की संभावनाओं और अपने जोखिम प्रोफाइल का भी पूरा आकलन करना चाहिए।

यदि किसी मजबूत कंपनी में FIIs दोबारा भरोसा दिखाते हैं, तो वह लंबी अवधि के निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत जरूर हो सकता है, लेकिन अंतिम निवेश निर्णय हमेशा व्यापक रिसर्च के आधार पर ही लेना चाहिए।