नयी दिल्ली। कंपनी या कॉर्पोरेट फिक्स्ड डिपॉजिट बैंक एफडी के समान ही होती हैं, जहां निवेशक अपना पैसा बैंकों के बजाय कंपनी को सौंप देता है। मगर कंपनी फिक्स्ड डिपॉजिट में बैंक एफडी की तुलना में अच्छा रिटर्न मिलता है। हालांकि यहां जोखिम थोड़ा अधिक है। इसके लिए कंपनी की रेटिंग चेक करें। जितनी अच्छी उसकी रेटिंग होगी, उतनी ही वो कंपनी सेफ होगी। कंपनी एफडी की अवधि आम तौर पर 12 से 120 महीने तक होती है। अलग-अलग जगह निवेश करने वालों के लिए ये एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। ज्यादा रिटर्न के लिए कंपनी एफडी बैंक एफडी से बेहतर है। यहां हम आपको 10 कंपनियों की एफडी रेट की जानकारी देंगे। इनमें सर्वाधिक ब्याज दर 9 फीसदी है, जो इस समय किसी भी बैंक में उपलब्ध नहीं है।
इस समय हॉकिन्स कुकर एफडी स्कीम में 12 से 36 महीनों की एफडी पर 8.5 फीसदी से 9 फीसदी तक ब्याज दर ऑफर की जा रही है। वहीं श्रीराम सिटी यूनियन फाइनेंस में 12 से 60 महीनों की एफडी पर 7.25 फीसदी से 8.09 फीसदी तक ब्याज मिलेगा। इसी तरह श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस भी 12 से 60 महीनों की एफडी पर 7.25 फीसदी से 8.09 फीसदी तक ब्याज दे रही है।
हुडको (आवास और शहरी विकास निगम) 12 से 60 महीनों की एफडी पर 7 से 7.5 फीसदी और बजाज फाइनेंस इसी अवधि पर 6.15 फीसदी से 7.25 फीसदी तक ब्याज ऑफर कर रही है। आपको पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस और आईसीआईसीआई होम फाइनेंस में 12 से 120 की एफडी पर क्रमश: 5.9 फीसदी से 6.7 फीसदी और 4.3 फीसदी से 6.45 फीसदी तक ब्याज मिल सकता है।
एचडीएफसी इस समय 1 से 5 साल की एफडी पर 5.7 फीसदी से 6.20 फीसदी, सुंदरम फाइनेंस 12 से 36 महीनों पर 5.75 फीसदी से 6.25 फीसदी और आखिर में महिंद्रा फाइनेंस 12 से 60 महीनों की एफडी पर 5.7 फीसदी से 6.45 फीसदी तक की ब्याज दर ऑफर कर रही है। एक निवेशक के रूप में अब आप सोच रहे होंगे कि बैंक एफडी के बजाय कॉर्पोरेट एफडी में निवेश करना एक अच्छा दांव क्यों है। जानते हैं इसके कारण।
कॉर्पोरेट एफडी में बैंक एफडी की तुलना में उच्च ब्याज दर मिलती है। कॉर्पोरेट एफडी में ब्याज दर 4.3 फीसदी से 9 फीसदी तक है, जो बैंक एफडी की तुलना में काफी अधिक है। बैंकों में इस समय में 5 से 6 फीसदी तक ब्याज दर उपलब्ध है। वरिष्ठ नागरिकों कॉर्पोरेट एफडी पर उच्च ब्याज दर मिलती है। कॉर्पोरेट एफडी में निवेशक कई तरह से ब्याज का भुगतान पा सकते हैं। इसमें मासिक, तिमाही, छमाही, सालाना और मैच्योरिटी पर एक साथ ब्याज हासिल करना शामिल है।
- बैंक केवल 7 दिनों से शुरू होने वाली एफडी ऑफर करते हैं। मगर कॉर्पोरेट एफडी कम से कम एक साल से शुरू होती है
- बैंक एफडी से पैसा निकालना आसान है, जबकि कॉर्पोरेट एफडी से पैसा निकालना में थोड़ा मुश्किल है
- 5 लाख रुपये तक की बैंक एफडी पर डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन की गारंटी होती है। मगर यही बात कॉर्पोरेट एफडी पर लागू नहीं होती है
- कॉर्पोरेट एफडी कम सुरक्षित हैं, इसलिए इन पर बैंक एफडी की तुलना में अधिक जोखिम है। उच्च क्रेडिट स्कोर वाली कंपनियों में निवेश जोखिम कम करने का एक अच्छा तरीका है
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