नयी दिल्ली। किसानों के राष्ट्रीय योगदान को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न देशों में किसान दिवस मनाया जाता है। भारत में यह 23 दिसंबर को मनाया जाता है। आज पूरे देश में किसान दिवस मनाया जा रहा है। इस बार किसान दिवस इसलिए खास है क्योंकि बड़ी संख्या में किसान दिल्ली की सीमाओं पर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। किसान तीन नये कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की मांग के साथ सरकार का विरोध कर रहे हैं। वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इन नये कृषि कानूनों से पहले मोदी सरकार किसानों के लिए कई स्कीमें लेकर आई है, जो किसानों के लिए काफी फायदेमंद हैं। इन योजनाओं से किसानों को कैश के अलावा कई अन्य लाभ भी मिलते हैं। आइए जानते हैं किसानों के लिए शुरू की गई टॉप 5 योजनाओं के बारे में।
प्रधानमंत्री किसान निधि योजना, जिसे पीएम किसान योजना के नाम से भी जाना जाता था, को 2018 में शुरू किया गया था। इस योजना के किसानों को हर साल 6000 रु दिए जाते हैं। ये पैसा किसानों के बैंक खातों में आता है। हर साल 2000-2000 रु की तीन किस्तें योजना के तहत नामांकित किसानों को भेजी जाती हैं। पीएम किसान के तहत अब तक 6 किस्तें भेजी गई हैं। जबकि सातवीं किस्त आने वाली 25 दिसंबर को भेजी जाएगी।
केंद्र सरकार ने जनवरी 2016 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शुरुआत की थी। दरअसल पूरे साल अलग-अलग प्राकृतिक आपदाओं के कारण किसानों की फसल खराब हो जाती है। इस योजना के तहत किसानों को फसल के लिए कवर मिलता है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को खरीफ फसल के लिए 2 फीसदी और रबी फसल के लिए 1.5 फीसदी प्रीमियम देना होता है। फसल बीमा योजना से कमर्शियल और बागबानी फसल को भी बीमा सुरक्षा मिलती है।
प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना की शुरुआत 2019 में की गई थी। इस योजान के तहत किसानों को पेंशन दी जाती है। पीएम किसान मानधन योजना के तहत 18 से 40 की आयु तक का कोई भी किसान आवेदन कर सकता है। योजना में 60 साल की आयु तक योगदान करना होता है। योगदान राशि 55 रु से 200 रु महीने के बीच होती है। 60 साल की आयु के बाद किसान को 3 हजार रुपये महीना की पेंशन मिलती है।
किसानों को सिंचाई की समस्या से मुक्ति मिले इसीलिए मोदी सरकार ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत किसानो को अपने खेतो में सिंचाई के लिए उचित मात्रा में पानी उपलब्ध कराने और उसके लिए सिंचाई उपकरणों के लिए सब्सिडी दी जाती है। असल में सरकार ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई सिस्टम को बढ़ावा दे रही है।
राष्ट्रीय कृषि बाजार या ई-नाम भारत में कृषि कमोडिटीज के लिए एक ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म है। ये बाजार किसानों, व्यापारियों और खरीदारों को कमोडिटीज में ऑनलाइन ट्रेडिंग की सुविधा प्रदान करता है। ये मार्केट किसानों को बेहतर कीमत खोजने में मदद करता है और उनकी फसल की सरल मार्केटिंग की सुविधा प्रदान करता है।
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