नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद से उनके मुख्य लक्ष्यों में से एक किसानों की आय दोगुनी करने का रहा है। इसके लिए उनकी सरकार ने कई कदम भी उठाए हैं। किसानों के लिए ढेरों योजनाएं शुरू की गईं, जिसमें पीएम किसान योजना के तहत आर्थिक मदद भी शामिल है। इसके अलावा मोदी सरकार समय समय पर अलग-अलग फसलों का एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) भी बढ़ाती रही ताकि किसानों को फसल का बेहतर दाम मिल सके। मगर इन सब के बावजूद किसानों के लिए हालात अभी भी ढाक के तीन पात वाली स्थिति जैसे हैं। अभी भी ऐसी रिपोर्ट सामने आती रहती हैं जिनमें किसानों को बेहतर दाम न मिलने का खुलासा होता है। हालत तो ये है कि किसानों को इस समय अपनी लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है। जी हां हम मक्का किसानों की बात कर रहे हैं, जिनके लिए एमएसपी हासिल करना तो दूर अपनी खेती की लागत निकालना भी असंभव जैसा है। आइये नजर डालते मक्का किसानों की स्थिति पर और जानते हैं कौन है इस हालत का जिम्मेदार।
बता दें कि केंद्र ने 2020-21 के लिए मक्का का एमएसपी 1,760 रुपये से बढ़ा कर 1,850 रुपये कर दिया है। मगर मक्का किसानों को सिर्फ 1,020 रु से 1,200 रु रुपये प्रति क्विंटल तक का मूल्य ही मिल रहा है। इस साल कृषि लागत और मूल्य आयोग ने मक्का पैदा होने की लागत 1,213 रु प्रति क्विंटल बताई है। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि कितानों को कितना नुकसान हो रहा है। न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार केंद्र सरकार का ई-मंडी (e-Nam) प्लेटफॉर्म भी यही दाम मिलने की बात कर रहा है। मध्य प्रदेश से बिहार तक के किसानों को एमएसपी नहीं मिल रहा है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछले साल दिसंबर में विभिन्न राज्यों में मक्का का दाम प्रति क्विंटल 1800 रु से लेकर 2500 रु था। उस समय किसानो को बढ़िय रेट मिल पा रहा था। उसके बाद देश में मक्का दूसरे देशों से आयात किया गया, जिसके नतीजे में रेट गिर गए। इसके बाद लॉकडाउन ने स्थिति और बदतर कर दी। बाहर से आयात किए जाने से मक्का किसानों पर बुरा असर पड़ा। सरकार अपनी तरफ से किसानों को अच्छा रेट दिलवाने के भरपूर दावे करती है, मगर जमीनी हकीकत इससे उलट है। बाहर से आयात और लॉकडाउन ने किसानों को काफी प्रभावित किया है।
- कन्नौज मंडी (उत्तर प्रदेश) में मक्के का भाव 1150 रु प्रति क्विंटल
- शाहाबाद मंडी (हरियाणा) में मक्के का भाव 1161 रु प्रति क्विंटल
- दौंड मंडी (महाराष्ट्र) में मक्के का भाव 1361 रु प्रति क्विंटल
अगर अलग-अलग राज्यों पर नजर डाली जाए तो सबसे बुर हालात मक्का किसानों के लिए बिहार के हैं। बिहार में देश के कुल उत्पादन का 9 फीसदी मक्का पैदा होता है। मगर बिहार में 1180 रु से 1200 रु प्रति क्विंटल मक्का बिका है। किसानों की इस खराब हालत के पीछे व्यापारियों की मनमानी भी है, जो एमएसपी पर फसल नहीं खरीदते।
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