नयी दिल्ली। जो लोग आज भी फीचर फोन का इस्सेतमाल करते हैं मोबाइल फोन निर्माता अब उनके हाथ में स्मार्टफोन पहुंचाने की योजना पर काम कर रहे हैं। भारतीय स्मार्टफोन निर्माता कंपनी लावा इंटरनेशनल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक हरिओम राय के मुताबिक फीचर फोन का उपयोग करने वाले लोगों को स्मार्टफोन देने की योजना अगले दो महीनों में तैयार हो जाएगी। उनके अनुसार यह सुनिश्चित करने के लिए काम किया जा रहा है कि फीचर फोन का इस्तेमाल करने वाली पूरी आबादी स्मार्टफोन यूजर्स में बदल जाए। इसके अलावा ऐप ईकोसिस्टम और फंडामेंटल सॉफ्टवेयर को भी अलग किया जाएगा।
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार राय ने ये बातें इंडिया सेलुलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (आईसीईए) द्वारा आयोजित एक वेबिनार में की हैं। वह गवर्नेंस में स्मार्टफोन की भूमिका पर एक रिपोर्ट जारी करने के लिए वेबिनार में बोल रहे थे। राय ने कहा कि उनकी टिप्पणी इंडस्ट्री की कंपनियों के आधार पर है जो इस योजना पर काम कर रही हैं। वेबिनार के दौरान इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी सचिव अजय प्रकाश साहनी ने मोबाइल फोन निर्माताओं को उन सॉफ्टवेयर पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा जो मोबाइल फोन में उपयोग किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि देश को स्मार्टफोन में लगने वाले सॉफ्टवेयर पार्ट्स पर भी काम करना शुरू कर देना चाहिए।
साहनी ने कहा कि भारत में 45 करोड़ से अधिक स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं हैं औ इन मोबाइल डिवाइस ने भारत के सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हमारे पास भारत में आज किसी भी तरह की तकनीक से निपटने के लिए नए एप्लिकेशन बनाने की क्षमता है। लॉकडाउन के संदर्भ में साहनी ने कहा कि यह मोबाइल फोन था जिसने हर किसी को तनाव के समय नेविगेट करने में मदद की। एक अनुमान के मुताबिक 2022 तक भारत में 82.9 करोड़ स्मार्टफोन यूजर्स होंगे, जो आबादी का 60 फीसदी हिस्सा होगा। बता दें कि चीन के सीमा विवाद के बाद भारतीय स्मार्टफोन्स कंपनियां अधिक सक्रिय हो गई हैं।
माइक्रोमैक्स इंफॉर्मेटिक्स
माइक्रोमैक्स इंफॉर्मेटिक्स देश की सबसे बड़ी मोबाइल बनाने वाली कंपनी है। खास बात ये है कि माइक्रोमैक्स कम लागत और सस्ते हैंडसेट तैयार करती है, जो आपके बजट में होते हैं। इतना ही नहीं माइक्रोमैक्स तो एलईडी टीवी और टैबलेट का भी प्रोडक्शन करती है। हरियाणा के गुरुग्राम में हेडक्वार्टर वाली माइक्रोमैक्स ने 2008 में मोबाइल बेचने शुरू किए। इसके कुछ खास हैडसेट में Canvas Infinity और Infinity N11 शामिल हैं।
कार्बन मोबाइल्स मोबाइल एक्सेसरीज से लेकर स्मार्टफोन और टैबलेट का प्रोडक्शन करती है। कंपनी का हेडक्वार्टर दिल्ली में है। जहां तक विस्तार का सवाल है तो कार्बन बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका, मध्य पूर्व और यूरोप जैसे क्षेत्रों में पहुंच चुकी है। 2009 में शुरू हुई कार्बन के कुछ खास स्मार्टफोन में टाइटेनियम एस 9 प्लस, कार्बन वी 1 और के 9 स्मार्ट प्लस शामिल हैं।
2009 में भारत में अपना काम शुरू करने वाली लावा इंटरनेशनल को सीएमआर रिटेल सेंटीमेंट इंडेक्स 2018 में 'सबसे भरोसेमंद ब्रांड' का दर्जा मिला था। लावा इकलौती कंपनी है जिसका पूरा डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क भारत में ही है। इसका मुख्यालय नोयडा, उत्तर प्रदेश, भारत में है, जबकि इसका कारोबार थाईलैंड, नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका, इंडोनेशिया, मैक्सिको और मध्य पूर्व, पाकिस्तान और रूस तक में फैला है।
जोलो लावा इंटरनेशनल का ही ब्रांड है। इसका मुख्यालय नोयडा में है। ये व्यक्तिगत इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण बनाती है जिनमें स्मार्टफोन, टैबलेट और लैपटॉप और पावरबैंक शामिल हैं। अप्रैल 2012 में Xolo ने भारत में इंटेल प्रोसेसर के साथ पहला स्मार्टफोन X900 लॉन्च किया था।
वाईयू टेलीवेंचर्स भी एक भारतीय ब्रांड है। ये Cyanogen और Micromax Informatics की सब्सिडरी कंपनी है। कंपनी का मुख्यालय गुरुग्राम, हरियाणा में है। माइक्रोमैक्स के सह-संस्थापक राहुल शर्मा की इसमें 99 फीसदी हिस्सेदारी है। इसके कुछ शानदार मॉडल्स में YU Yunique 2, YU Yureka 2 और YU Ace शामिल हैं। अब जानते हैं कि भारतीय कंपनियों के स्मार्टफोन्स के बारे में।
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