नयी दिल्ली। अब आपका पैसा बैंकों में अधिक सुरक्षित रहेगा। पिछले कुछ समय में बैंकों और वित्तीय कंपनियों में आये संकट को देखते हुए सरकार नया नियम बनाने की तैयारी में है। बैंकों और फाइनेंशियल कंपनियों के सामने वित्तीय मुसीबत आने पर समय और व्यवस्थित रूप से समाधान निकालने के लिए एक मजबूत रेजोल्यूशन अथॉरिटी या आरए तैयार करने का प्रस्ताव रखा गया है। एक ड्राफ्ट कैबिनेट नोट में आरए बनाने की बात कही गयी है, जो बैंक डूबने पर पैसे जमा करने वालों को कितना पैसा दिया जाये ये भी तय करेगा। इस मामले से जुड़े दो अधिकारियों ने जानकारी दी है। इनमें से एक ने कहा कि यदि कोई बैंक फेल हो जाता है, तो आरए, जमाकर्ताओं को सामान्य तौर पर मिलने वाले पैसों की तुलना में उससे अधिक का भुगतान करने का निर्णय ले सकता है। मौजूदा समय बैंक में आपके 1 लाख रुपये तक पर ही जमा बीमा और क्रेडिट गारंटी निगम या डीआईसीजीसी द्वारा सुरक्षा दी जाती है, फिर चाहे आपके खाते में कितना पैसा भी जमा हो।

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कई बार उठी है मांग
बैंक में जमा अधिक पैसों की गारंटी बढ़ाने को लेकर कई बार मांग उठती रही है। सबसे हाल का मामला पिछले साल आया जब महाराष्ट्र के पीएमसी बैंक के डूबने की बात सामने आयी। पीएमसी बैंक के 915,957 ग्राहक, जिनमें कई मध्यम और निम्न-मध्यम वर्ग से हैं, प्रभावित हुए। यह प्रस्ताव उस प्रस्तावित कानून का हिस्सा है, जिसे अगस्त 2018 में वित्तीय संकल्प और जमा बीमा विधेयक, 2017 को वापस लेने के लिए मजबूर करने के लगभग 17 महीने बाद तैयार किया गया है। 2017 के बिल में एक नियम के मुताबिक किसी बैंक को दोबारा सुधारने के लिए जमाकर्ताओं के पैसे का एक हिस्सा उपयोग करने की अनुमति थी। इसी बिंदु का काफी विरोध हुआ और बाद में सरकार क यह बिल ही वापस लेना पड़ा।

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आयेगा मजबूत रेजोल्यूशन सिस्टम
आरए को दबाव में चल रहे बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लिए वैश्विक स्तर के मुताबिक एक मजबूत रेजोल्यूशन सिस्टम तैयार करने के लिए बनाया जा रहा है, जिसमें करदाता पर पैसों का कोई फालतू बोझ नहीं पड़ेगा। हालाँकि आरए की दक्षता जांचने के लिए समय-समय पर इस बिल की समीक्षा भी की जायेगी। पर फिर भी इससे बैंकों में जमा लोगों का अधिक पैसा सुरक्षित होगा।

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