Ethiopia Volcano Eruption; Flights Cancelled: इथियोपिया में हुए ज्वालामुखी विस्फोट का असर अब भारत की उड़ानों पर भी दिख रहा है। हेली गुब्बी ज्वालामुखी से निकली राख अब मध्य पूर्व के कुछ हिस्सों से होते हुए भारत की ओर बढ़ रही है, जिससे हवाई यात्रा प्रभावित हो रही है। इसी के चलते केएलएम रॉयल डच एयरलाइंस ने अपनी दिल्ली-एम्स्टर्डम उड़ान रद्द कर दी है।

Advertisement

करीब 12,000 सालों में पहली बार फटे इस ज्वालामुखी से राख का एक विशाल गुबार उठा है। टूलूज वोल्केनिक ऐश एडवाइजरी सेंटर के अनुसार, यह राख उत्तरी भारत की ओर बढ़ रही है जबकि न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, इसके सुबह 10 बजे तक भारत पहुंचने की आशंका है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने एयरलाइंस को इस संबंध में एक एडवाइजरी जारी की है।

Advertisement

दिल्ली-राजस्थान-हरियाणा तक पहुंचेगा ज्वालामुखी का राख

इस राख के घने बादल दिल्ली, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इलाकों तक पहुंचने की संभावना है, जिससे दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता और खराब हो सकती है। इंडियामेटस्काई वेदर ने अनुमान लगाया है कि राख का गुबार, जो भारत में आ गया है और अभी ओमान-अरब सागर क्षेत्र से उत्तर और मध्य भारत के मैदानों तक फैल रहा है, धीरे-धीरे दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान की ओर बढ़ता रहेगा।

Advertisement

इसने आगे कहा कि राख के गुबार में ज़्यादातर सल्फर डाइऑक्साइड और ज्वालामुखी की राख का कम से मध्यम कंसंट्रेशन है। यह बादल भारतीय शहरों में AQI पर असर नहीं डालेगा, लेकिन हिमालय और उत्तर प्रदेश में आस-पास के तराई इलाके में सल्फर डाइऑक्साइड के लेवल पर असर डाल सकता है।

इंडिगो समेत कई एयरलाइन ने रद्द की उड़ानें

अकासा एयर ने 24 और 25 नवंबर के लिए जेद्दा, कुवैत और अबू धाबी से आने-जाने वाली अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं। इंडिगो ने भी कई उड़ानें कैंसिल की हैं। इंडिगो ने यात्रियों को सूचित किया है कि इथियोपिया के हेली गुब्बी ज्वालामुखी से निकली राख के बादल भारत के कुछ हिस्सों की ओर आ रहे हैं। एयरलाइन ने यात्रियों की सुरक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है।

Advertisement

अपनी एडवाइजरी में डीजीसीए ने एयरलाइंस को ज्वालामुखी राख से निपटने के लिए अपने ऑपरेशनल मैनुअल की समीक्षा करने और कॉकपिट व केबिन क्रू को इससे अवगत कराने के लिए कहा है। साथ ही, नवीनतम एडवाइजरी के आधार पर उड़ान योजना और रूटिंग को समायोजित करने की सलाह दी गई है।

DGCA ने जारी किए दिशा-निर्देश

एयरपोर्ट्स को निर्देश दिया गया है कि राख का पता चलने पर रनवे, टैक्सीवे और एप्रन की तुरंत जांच की जाए। जब तक संदूषण पूरी तरह साफ न हो जाए, तब तक संचालन रोकने के लिए कहा गया है। ऑपरेटरों को आंतरिक सुरक्षा जोखिम मूल्यांकन प्रक्रिया को सक्रिय करने और सैटेलाइट इमेजरी, वीएएसी बुलेटिन और राख के मूवमेंट के पूर्वानुमान की चौबीसों घंटे निगरानी करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

Advertisement

एयरलाइंस भी अपने यात्रियों को लगातार अपडेट दे रही हैं। स्पाइसजेट ने दुबई से आने वाले यात्रियों को अपनी उड़ान की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी है। अकासा एयर ने कहा है कि वे अंतरराष्ट्रीय विमानन एडवाइजरी और सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार स्थिति का आकलन करते रहेंगे और आवश्यकतानुसार आवश्यक कदम उठाएंगे।