Ethanol production from sugarcane juice: भारत सरकार ने एथनॉल प्रोडक्शन को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। साल 2025-2026 के लिए सरकार ने गन्ने के रस, सिरप और गुड़ (मोलासेस) से एथनॉल बनाने पर लगी मात्रा की पाबंदी पूरी तरह हटा दी है।
सोमवार को खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने इसकी अधिसूचना जारी करते हुए बताया। इस अपडेट के बाद शुगर सेक्टर की कंपनियों को फायदा मिलेगा और इन्वेस्टरों को भी नए मौके देखने को मिल सकते हैं।
इस अधिसूचना के बाद कारोबारी सत्र दूसरे दिन यानी मंगलवार को शुरुआती ट्रेडिंग में शुगर स्टॉक्स भारी उछाल के साथ ट्रेड करते हुए दिखाई दे रहे हैं। Bajaj Hindusthan Sugar के शेयर सुबह 9:40 बजे तक 7.58% उछाल के साथ 21 रुपए पर कारोबार कर रहा है। बीते दिन कारोबारी सेशन को देखें तो कंपनी का शेयर 20 रुपए पर क्लोज हुआ था।
Shree Renuka Sugars के स्टॉक्स भी आज भारी उछाल के साथ ट्रेड कर रहे हैं सुबह 9:43 बजे तक 12.44% उछाल के साथ 32 रुपए पर ट्रेड कर रहा है। पिछले कारोबारी सेशन पर नजर डालें तो कंपनी का शेयर 28 रुपए पर क्लोज हुआ था।
Balrampur Chini Mills के शेयर सुबह 9:51 बजे तक 7% उछाल के साथ 579 रुपए पर कारोबार कर रहा है। बीते दिन कारोबारी सेशन को देखें तो कंपनी का शेयर 541 रुपए पर क्लोज हुआ था। कंपनी ने पिछले एक हफ्ते में निवेशको को 3.84% का रिटर्न दिया है। सरकार का यह कदम एथनॉल सेक्टर को स्पीड देता है, तो आने वाले महीनों में इन स्टॉक्स में सुधार और तेजी देखने को मिल सकती है।
पहले क्यों थी रोक?
पिछले वित्त वर्ष में गन्ने की आपूर्ति कम होने के कारण सरकार ने एथनॉल प्रोडक्शन पर सीमा तय कर दी थी। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि गन्ने की कम पैदावार सीधे तौर पर चीनी की उपलब्धता को प्रभावित करती है। लेकिन इस बार बेहतर मानसून और खेतों में गन्ने की अच्छी पैदावार ने सरकार को प्रोडक्शन बढ़ाने की इजाजत देने का रास्ता साफ किया है।
अब कंपनियों को मिली खुली छूट
नई नीति के तहत 1 नवंबर से शुरू होने वाले एथनॉल सप्लाई वर्ष में शुगर मिलें और डिस्टिलरीज जितना चाहें उतना एथनॉल तैयार कर सकेंगी। हालांकि, सरकार ने यह साफ कर दिया है कि देश में चीनी की सालभर उपलब्धता पर लगातार निगरानी रखी जाएगी और जरूरत पड़ने पर प्रोडक्शन के नियमों की समीक्षा भी होगी।
कौन सी कंपनियां होंगी फायदे में?
भारत की कई बड़ी शुगर कंपनियों ने बीते कुछ वर्षों में एथनॉल उत्पादन पर बड़ा निवेश किया है। इनमें E.I.D. Parry, बलरामपुर चीनी मिल्स, श्री रेणुका शुगर्स, बजाज हिंदुस्तान और द्वारकेश शुगर जैसी कंपनियां प्रमुख हैं। इन कंपनियों की रणनीति पहले से ही एथनॉल ब्लेंडिंग पर केंद्रित रही है, इसलिए नई नीति उनके लिए सीधे तौर पर फायदेमंद साबित होगी।
सरकार का 20% ब्लेंडिंग का टारगेट
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा पेट्रोलियम उपभोक्ता है। ऐसे में सरकार ने 2025-26 तक पेट्रोल में 20% एथनॉल मिलाने का टारगेट तय किया है। इससे देश का आयात बिल घटेगा और किसानों को भी गन्ने की फसल का बेहतर दाम मिलेगा। साथ ही, प्रदूषण कम करने और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने में भी मदद मिलेगी।
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