Eternal Hikes Platform Fee; Zomato Hikes Platform Fee : त्योहार का सीज़न शुरु हो चुका है और इस त्योहारी सीजन में ऑनलाइन खाना मंगाकर खाना महंगा पड़ सकता है। दरअसल, ऑनलाइन फूड़ डिलिवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो ने ऑर्डर पर लगने वाला प्लेटफॉर्म शुल्क को बढ़ा दिया है। यदि आप भी ऑनलाइन फूड मंगाकर खाते हैं तो आपको अपनी जेब और अधिक ढ़ीली करनी पड़ सकती है।
इटर्नल के स्वामित्व वाले फ़ूड डिलीवरी प्लेटफ़ॉर्म ज़ोमैटो ने ऑर्डर पर लगने वाले प्लेटफ़ॉर्म शुल्क को 10 रुपये से बढ़ाकर 12 रुपये कर दिया है। यह बढ़ोतरी त्योहारी सीज़न में मांग में तेज़ी आने की उम्मीद के बीच की गई है।
स्विगी ने भी बढ़ाया था प्लेफॉर्म शुल्क
बता दें कि हाल ही में ज़ोमैटो के प्रतिद्वंद्वी स्विगी ने भी अपने फ़ूड डिलीवरी कारोबार के लिए प्लेटफ़ॉर्म शुल्क को 12 रुपये से बढ़ाकर 14 रुपये कर दिया था, जिसमें वस्तु एवं सेवा कर (GST) भी शामिल है। हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह बताया गया है कि स्विगी ने यह बढ़ोतरी ऑर्डर में भारी वृद्धि के चलते की है और मांग कम होने पर यह बढ़ोतरी वापस ले ली जाएगी।
स्विगी और ज़ोमैटो का वित्तीय प्रदर्शन
ज़ोमैटो और स्विगी ने अप्रैल-जून तिमाही के दौरान अपनी-अपनी क्विक कॉमर्स शाखाओं में निवेश जारी रखा है।
ज़ोमैटो की मूल कंपनी इटर्नल ने समीक्षाधीन तिमाही में कंसो शुद्ध लाभ में सालाना आधार पर 90% की गिरावट दर्ज की, जो पिछले वर्ष की इसी तिमाही के 253 करोड़ रुपये की तुलना में 25 करोड़ रुपये रह गया, जबकि राजस्व में 70% की वृद्धि हुई।
वहीं, यदि स्विगी की बात करें तो इंस्टामार्ट परिचालन में बढ़ते निवेश के कारण कंपनी का घाटा इस अवधि में दोगुना होकर 1,197 करोड़ रुपये हो गया। तिमाही के लिए इसका परिचालन राजस्व 54% बढ़कर 4,961 करोड़ रुपये हो गया।
स्विगी और ज़ोमैटो को ओनली से मिलेगी टक्कर?
बता दें कि ऑनलाइन फूड डिलिवरी सर्विस में स्विगी और ज़ोमैटो को टक्कर देने के लिए 'ओनली' मार्केट में उतर चुका है। ओनली, राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म रैपिडो द्वारा शुरू की गई नई सेवा है। वर्तमान में, ओनली बेंगलुरु के कोरमंगला, एचएसआर और बीटीएम लेआउट क्षेत्रों के ग्राहकों के लिए उपलब्ध है। ज़ोमैटो और स्विगी के 16-30% कमीशन के मुकाबले ओनली अपने रेस्टोरेंट पार्टनर्स से केवल 8-15% के बीच कमीशन ले रहा है।
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