नयी दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। अगर आपका भी पीएफ अकाउंट ईपीएफओ के पास है तो ये खबर आपके काम की है। दरअसल ईपीएफओ को 9000 करोड़ रु की जरूरत आ गई है। इसके लिए ईपीएफओ ने एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) में 9000 करोड़ रु से ज्यादा के अपने निवेश को बेचने का फैसला लिया है। अपने सब्सक्राइबर्स और पैसों की कमी को पूरा करने के लिए ईपीएफओ ने ये फैसला लिया है। सितंबर में ईपीएफओ ने कहा था कि 2019-20 के लिए सब्सक्राइबर्स को 8.5 फीसदी ब्याज दिया जाएगा। इसमें से लगभग 0.35 फीसदी ब्याज का पैसा ईटीएफ बेचकर ही पूरा किया जाएगा।
किसी भी कंपनी में जॉब में करन वालो का पीएफ खाता ईपीएफओ के पास होता है। ऐसे में ईपीएफओ की हालत कैसी है ये जानना आपके लिए जरूरी है। मिंट की रिपोर्ट के अनुसार ईपीएफओ 2016 में किए गए ईटीएफ निवेशों में से 9,017 करोड़ रु निकालेगा। ये बिकवाली 15-20 बार में की जाएगी। सबसे पहले उस निवेश को बेचा जाएगा, जो पहले किया गया है। फिर बाद में किए गए निवेशों को बेचा जाएगा। ईपीएफओ को इस बिक्री से 2,850 करोड़ रु का लाभ होने की उम्मीद है, जो पैसों की कमी को पूरा करने के लिए पर्याप्त होगा। बता दें कि इससे ईपीएफओ ग्राहकों पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उन्हें ब्याज का पैसा समय पर दे दिया जाएगा।
2016 में पूरे साल में किए गए ईटीएफ में निवेश की बिक्री से ईपीएफओ को अनुमानित 2,850.63 करोड़ रु मिलेंगे। मगर इस समय बाजार में उतार-चढ़ाव जारी है, इसलिए ये मुनाफा बढ़ या घट भी सकता है। 9,017 करोड़ रु में से 7,900 करोड़ रु की ईटीएफ यूनिट्स एसबीआई म्यूचुअल फंड के साथ हैं और बाकी यूटीआई म्यूचुअल फंड के। दोनों फंड हाउसों ने निफ्टी 50 और सेंसेक्स ईटीएफ में निवेश किया है। कुल मुनाफे में से 2,510 करोड़ रु एसबीआई एमएफ यूनिट्स से आएंगे और बाकी यूटीआई एमएफ से।
जितनी ईटीएफ यूनिट्स ईपीएफओ बेचने जा रहा है उसे इसने 6166 करोड़ रु में खरीदा था। जबकि अब इसे इन्हीं यूनिट्स के 9000 करोड़ रु से ज्यादा मिलेंगे। सब्सक्राइबर्स को जरूरी पैसा दिया जाने के बाद भी ईपीएफओ के अगले साल के लिए एक्सट्रा पैसा बच जाएगा। वैसे 7 सितंबर - 12 अक्टूबर के दौरान बेंचमार्क इंडेक्स जैसे निफ्टी और सेंसेक्स में 5% से अधिक की बढ़त हुई। इसलिए अब ईटीएफ बेचने से ईपीएफओ को 2,990 करोड़ रु या लगभग 140 करोड़ रु पहले के अनुमान से ज्यादा मिलेंगे।
ईपीएफओ को जल्दी से ईटीएफ को बेचना चाहिए और 2019-20 के लिए ब्याज दरों का भुगतान तीन महीने तक इंतजार किए बिना ही ग्राहकों को करना चाहिए। सितंबर की कैल्कुलेशन के आधार पर ईपीएफओ आज ही ईटीएफ को बेच कर 8.5% ब्याज का भुगतान कर सकता है और उसके पास 700 करोड़ रु से अधिक बचेंगे। ईपीएफओ सबसे इन निवेश यूनिट्स को कई किस्तों में बेचेगा।
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