नई दिल्ली, सितंबर 09। ईपीएफओ अपने निवेशकों को नई निवेश योजना देने की तैयारी कर रहा है। ईपीएफओ निवेशक के जोखिम लेने की क्षमता और उसके उम्र के आधार निवेश के विकल्प देने की तैयारी में है। ईपीएफओ की योजना है कि पेंशन खाताधारकों की उम्र के हिसाब से, उनके कुल निवेश में से बड़े हिस्से को इक्विटी यानि शेयर बाजार में निवेश करने का विकल्प दिया जाए। इससे निवेशकों को ज्यादा रिटर्न मिलने की संभावना होगी। जिन खाताधारकों की उम्र ज्यादा है उनके पैसे को बांड या सुरक्षित डेट में निवेश करने का विकल्प तैयार किया जाएगा। ईपीएफओ निवेशकों को ज्यादा निवेश देने के लिए यह योजना तैयार कर रही है।

Advertisement

15 प्रतिशत फंड ही इक्विटी में होता है निवेश

वर्तमान में ईपीएफओ जमा फंड का केवल 15 फीसदी ही इक्विटी यानि शेयर बाजार में निफ्टी या सेंट्रल पब्लिक सेक्टर इंटरप्राइजेज आधारित एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स में निवेश कर सकता है। मौजूदा समय की बात करें तो ईपीएफओ के पसा कुल 15 लाख करोड़ रुपये का कॉरपस है। देशभर में ईपीएफओ के कुल 6 करोड़ खाताधारक हैं। ईपीएफओ की योजना है कि खाताधारकों को ज्यादा रिटर्न देने के कुल जमा फंड का 25 फीसदी हिस्सा शेयर बाजार में निवेश किया जाए। प्रस्ताव तो बनाया गया है लेकिन अभी इस योजना को ईपीएफओ बोर्ड से मंजूरी नहीं मिली है।

 

Advertisement
कई जगह पैसे को निवेश करने की है योजना

ईपीएफओ प्राविंडेट फंड और पेंशन फंड की जमा राशि को अलग अलग निवेश करने की योजना पर विचार कर रहा है। नई योजना के तहत खातधारकों के उम्र और उनके जोखिम लेने की क्षमता के आधार पर उनकी बचत में से अलग-अलग जगह निवेश किया जाएगा। इसतरह कम उम्र के लोगों के फंड में जमा बड़े हिस्से को इक्विटी में निवेश किया जाएगा तो उम्रदराज लोगों के निवेश को सुरक्षित जगहों पर निवेश करने का विकल्प रखा जाएगा। पेंशन फंड में जमा रकम को ईपीएफओ इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट जैसे सेक्टर में निवेश कर सकती है।

2021-22 में मिला है 8.10 प्रतिशत रिटर्न

ईपीएफओ ने बचत पर वित्त वर्ष 2021-22 में अपने खाताधारकों को 8.10 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। यह ब्याज दर किसी भी बैंक द्वारा दिए जाने वाले रिटर्न से कहीं ज्यादा है। लेकिन लंबे समय सीमा के लिए इस प्रकार के निवेश के तरीकों से ज्यादा रिटर्न देना संभव नहीं है. इसलिए निवेश के तरीकों में बड़े बदलाव की तैयारी की योजना बनाने की तैयारी की जा रही है।