नई दिल्ली, सितंबर 12। कर्मचारी भविष्य निधि संस्था (ईपीएफओ) कर्मचारी वर्ग के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए काम कर रही है। अब ईपीएफओ वैश्विक प्रसार करने जा रही है। ईपीएफओ अब भारत के अलावा दुनिया के लगभग 70 देशों में अपनी सेवा का विस्तार करने की तैयारी में है। इन देशों में सर्विस सेंटर और कंसल्टेंसी ऑफिस स्थापित करने प्रस्ताव तैयार है।

Advertisement

70 वर्षो से काम कर रहा है

संगठित और असंगठित क्षेत्र के कर्मचारी वर्ग के बुढ़ापे को सुरक्षित करने के लिए देश में लगभग 70 वर्षो से काम कर रही ईपीएफओ अब पूरे विश्व के छोटे देशों को अपने कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सहायता करने को योजना बनाई है। इसके लिए अफ्रीका के देशों में और लैटिन अमेरिका के छोटे देशों में अपना सेटअप बनाने की तैयारी में है।

Advertisement
ईपीएफओ वैश्विक एक्सपर्ट बनने को तैयार है

ईपीएफओ बहुत ही तेजी से कर्मचारी वर्ग के भविष्य की सुरक्षा के क्षेत्र में वैश्विक एक्सपर्ट बनकर उभरने के लिए तैयार है। लैटिन अमेरिका के लगभग 25 देशों और अफ्रीका महाद्वीप के अधिकतर छोटे देशों को कर्मचारियों के लिए स्वयं का सामाजिक सुरक्षा ढांचा विकसित करने में सहायता करेगा। ईपीएफओ के इस प्रस्ताव को उच्च स्तर की ओर से अनुमति मिल गई है और स्टैक होल्डर के साथ बातचीत चल रही है। ईपीएफओ के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क के साथ करार की तैयारी की जा रही है और आने वाले लगभग दो दशकों तक के किए जानकारी और रोडमैप को तैयार किया जाएगा।

भारत में लगभग 55 मिलियन से अधिक सब्क्राइबर है

ईपीएफओ ने वर्ष 2037 को लक्ष्य बनाया गया है उनका लक्ष्य दुनिया भर में पहुंच बनाने के लिए पूरे एशिया में सर्विस सेंटर बनाने के साथ अफ्रीकन देशों में और लैटिन अमेरिका देशों में कंसल्टेंसी ऑफिस स्थापित किए जाएं. ईपीएफओ का ये आइडिया उन छोटे देशों के अपने कर्मचारियों के लिए खुद का सोशल और आर्थिक सुरक्षा ढांचा विकसित करने में सहायता करेगा ईपीएफओ में देश में लगभग 55 मिलियन से अधिक सब्सक्राइबर है।