देश के करोड़ों नौकरीपेशा कर्मचारी इन दिनों अपने पीएफ (PF) अकाउंट पर नजर गड़ाए हुए हैं। पिछले वित्त वर्ष के लिए 8.25 फीसदी ब्याज मिलने का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) आमतौर पर जून की शुरुआत में ब्याज का पैसा खातों में डालना शुरू कर देता है। कुछ मेंबर्स के अकाउंट में अपडेट दिखना शुरू हो गया है, वहीं करोड़ों खातों में एंट्री की लंबी प्रक्रिया के कारण अन्य लोगों को थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है।

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आपके खाते में ब्याज की गणना मंथली रनिंग बैलेंस के आधार पर की जाती है। खास बात यह है कि अगर ब्याज का पैसा देरी से भी क्रेडिट होता है, तो भी इसे पिछली तारीख से ही जोड़ा जाता है ताकि आपको कोई वित्तीय नुकसान न हो। यानी तकनीकी देरी के बावजूद आपका 8.25 फीसदी का रिटर्न पूरी तरह सुरक्षित है। भारी ट्रैफिक की वजह से आधिकारिक सर्वर पर दबाव हो सकता है, इसलिए मेंबर्स को थोड़ा धैर्य रखने की सलाह दी जाती है।

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EPFO Passbook: ऐसे चेक करें 8.25% ब्याज का स्टेटस

आप उमंग (UMANG) ऐप के जरिए आसानी से अपना स्टेटस चेक कर सकते हैं। इसके अलावा, ईपीएफओ के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर भी हर एक्टिव मेंबर अपनी पासबुक की पूरी डिटेल देख सकता है। 8.25 फीसदी ब्याज जुड़ा है या नहीं, यह कन्फर्म करने के लिए नियमित रूप से अपना बैलेंस चेक करते रहें। अगर पूरी प्रक्रिया के बाद भी ब्याज क्रेडिट नहीं होता है, तो आप ऑनलाइन पोर्टल पर बेहद आसानी से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

ईपीएफओ ने हाल ही में अपने सर्वर की क्षमता को अपग्रेड किया है ताकि एक साथ लाखों लोग बिना किसी रुकावट के लॉगिन कर सकें। अब यूजर्स बिना लंबे इंतजार के अपनी ट्रांजैक्शन हिस्ट्री देख सकते हैं। सुरक्षित लॉगिन के लिए अपने यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) का इस्तेमाल करें। इस पारदर्शी व्यवस्था का मकसद यही है कि कर्मचारी अपनी मेहनत की कमाई और उस पर होने वाली बढ़ोतरी को खुद ट्रैक कर सकें।

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EPFO ब्याज और अपनी जमा पूंजी को फ्रॉड से कैसे बचाएं?

ब्याज क्रेडिट होने के इस सीजन में स्कैमर्स अक्सर फर्जी लिंक भेजकर मेंबर्स को निशाना बनाने की कोशिश करते हैं। हमेशा याद रखें कि ईपीएफओ अधिकारी कभी भी आपसे आपका वन टाइम पासवर्ड (OTP) नहीं मांगते। किसी भी अनजान कॉल या मैसेज पर अपनी पर्सनल डिटेल या बैंकिंग जानकारी साझा न करें। किसी भी जानकारी की पुष्टि केवल आधिकारिक सरकारी वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिए ही करें। आपकी सतर्कता ही आपकी रिटायरमेंट की पूंजी को सुरक्षित रखेगी।