नई दिल्ली, जुलाई 12। अगर आपका भी हर महीने पीएफ कटता है तो यह खबर आपके बहुत काम की है। बता दें कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ ने एम्प्लोयर्स से पीएफ योगदान और अन्य बेनेफिट प्राप्त करने के लिए आधार कार्ड को पीएफ यूएएन (यूनिवर्सल अकाउंट नंबर) से लिंक करने को अनिवार्य कर दिया है। यूएएन एक 12-अंकीय नंबर है जो उन कर्मचारियों को दिया जाता है जो ईपीएफ में योगदान कर रहे हैं। ईपीएफओ सब्सक्राइबर्स को अपने आधार कार्ड को प्रोविडेंट फंड (पीएफ) अकाउंट से लिंक करने के लिए सितंबर तक का समय दिया गया है। पहले इस काम को करने के लिए डेडलाइन 1 जून थी, जिसे बढ़ा कर अब 1 सितंबर कर दिया गया है।
श्रम मंत्रालय ने इस नए नियम को लागू करने के लिए सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 की धारा 142 में संशोधन किया है। मालूम हो कि धारा 142 संहिता के तहत लाभ प्राप्त करने और सेवाओं का लाभ उठाने के लिए आधार नंबर के जरिए किसी कर्मचारी या असंगठित कर्मचारी या किसी अन्य व्यक्ति की पहचान स्थापित करने का प्रावधान है। यदि आपने अपने आधार को यूएएन के साथ लिंक नहीं किया तो आपको अपना पीएफ का पैसा मिलने में दिक्कत होगी।
ईपीएफओ की बिना रुकावट सेवाओं का लाभ उठाने के लिए अपने आधार नंबर को यूएएन से लिंक जरूरी करें। आप ईपीएफओ पोर्टल पर उपलब्ध ऑनलाइन ई-केवाईसी सुविधा के साथ-साथ उमंग ऐप के माध्यम से अपने आधार को यूएएन के साथ लिंक कर सकते हैं। पैन और आधार कार्ड को लिंक करना सभी बैंकों, पीपीएफ खातों और ईपीएफ खातों के लिए अपने केवाईसी की एक आवश्यकता है।
यदि आप यूएएन और आधार को लिंक नक रें तो एम्प्लोयर द्वारा जमा किए गए ब्याज और आपके पीएफ खाते से पैसे निकालने के क्लेम को अस्वीकृति जैसे मुद्दों का सामना करना पड़ेगा। यानी आपके क्लेम को रिजेक्ट किया जा सकता है। ईपीएफओ ने पहले कहा था कि एम्प्लोयर केवल उन कर्मचारियों के लिए ईसीआर दाखिल कर सकता है जिन्होंने अपने आधार को पीएफ यूएएन से जोड़ा है।
इसके लिए सबसे पहले epfindia.gov.in पर जाएं। फिर वहां ऑनलाइन सर्विसेज में आपरो ई-केवाईसी पोर्टल पर क्लिक करना होगा। इसके बाद आधार नंबर और मोबाइल नंबर डालें। इससे ओटीपी जनरेट होगा। आपको फिर से आधार नंबर दर्ज करना होगा और फिर ओटीपी वेरिफाइ करना होगा। ओटीपी, आधार नंबर और तीन बार मोबाइल फोन नंबर डालने के बाद आपका आधार पीएफ खाते से लिंक कर दिया जाएगा।
आधार और यूएएन लिंकिंग के दौरान आपके सामने एक दिक्कत आ सकती है। ये दिक्कत होती है आधार और ईपीएफ रिकॉर्ड में नाम या जन्म तिथि का मैच न होना। याद रखें कि अप्रूवल में समय लग सकता है और ईपीएफओ से अस्वीकृति से आपके सामने बड़ी दिक्कत ला सकती है। ऐसी दिक्कत को हल करने के लिए आपको ऐसे ईपीएफओ ऑफिस के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं।
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