नई दिल्ली, जुलाई 9। दिल्ली में इस महीने का बिजली बिल लोगों को परेशान कर रहा है। ज्यादा बिजली का युज न करने के वाबजूद पिछले महीने से यह बिल अधिक है। दरअसल, राजधानी दिल्ली में बिजली के लिए पीपीएसी यानी की पॉवर परचेज एडजस्टमेंट कॉस्ट में चार प्रतिशत का इजाफा किया गया है। यही कारण है कि लोगों को बिजली बिल कुछ बढ़ के आ रहा है।
इस साल गर्मी ज्यादा होने के कारण बिजली की खपत बढ़ी है। लोग एसी, कूलर, और अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरणों का उपयोग अधिक कर रहें हैं। नवभारत टाइम्स के रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली के लोग पहले ही इस साल ज्यादा बिल भर रहें हैं क्योंकि एसी, फ्रिज, कूलर और पंखे के अधिक उपयोग से बिल ज्यादा आ रहा है। ऐसे में थोड़े थोड़े कर के चार्ज बढ़ाना दिल्ली वालों पर भारी पड़ रहा है।
दिल्ली पावर सेक्टर से जुड़े लोगों ने बताया कि केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने नवंबर 2021 में गाइडलाइंस जारी कर सभी राज्यों को पीपीएसी व्यवस्था लागू करने को कहा था। उस आदेश के बाद से ही दिल्ली में इस महीने से यह व्यवस्था लागू की गई है। यह व्यस्था इसलिए लगाई गई है ताकि बिजली उत्पादन केंद्रों को समय पर पेमेंट किया जा सके। आप को बता दें कि भारत में पीपीएसी व्यवस्था 25 से अधिक राज्यों और यूनियन टेरेटरी में लागू है।
जब बिजली उत्पादन में वृद्धि होती है तो कंपनियों को परचेज पावर एडजस्टमेंट कास्ट लेने की अनुमती दी जाती है। हाल ही में कोयले की कमी के कारण बिजली उत्पादन के लिए कोयला बाहर से मगाना पड़ा है। बाहर से कोयला इम्पोर्ट करने के कारण बिजली के उत्पादन का कास्ट बढ़ा हैं। इसलिए केन्द्र सरकार ने राज्यों को पीपीएसी चार्ज लगाने को कहा था। यही कारण हैं कि दिल्ली की बिजली कंपनियों ने बिल में पीपीसीए को चार प्रतिशत बढ़ाया है।
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