नई दिल्ली, अप्रैल 19। देश के किसानों को भारत सरकार की तरफ से पीएम किसान निधि के नाम हर साल 6000 रुपये तीन किस्त के रूप में दिया जाता है। यह पैसा 2000-2000 रुपये के रूप में साल में तीन बार में दिया जाता है। इस बार की 2000 रुपये की किस्त अप्रैल-जुलाई की आने वाली है। यह किस्त देश के करीब 11.74 करोड़ किसानों को मिलनी है। हालांकि ढेर सारे किसानों को यह पैसा अभी तक नहीं मिल पाया है। अगर आप जानना चाहते हैं कि आपकी पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त कहां लटकी है, तो पहले जान लें कि राज्य सरकारों ने अप्रैल-जुलाई की किस्त को अभी अप्रूव नहीं किया है। ऐसे में यह किस्त इस माह मिलने की उम्मीद कम ही नजर आ रही है।
जानिए किन किसानों को मिलता है पैसा
पीएम किसान सम्मान निधि का पैसा पहले उन्हीं किसानों को मिलता था, जिनके पास 2 हेक्टेयर यानी 5 एकड़ तक कृषि योग्य खेती की जमीन हो। लेकिन अब सरकार ने जोत की सीमा को खत्म कर दी है। खेती योग्य जमीन जिसके नाम से हैं, उसी को पैसा मिलेगा। लेकिन अगर कोई इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करता है, तो उसे पीएम किसान सम्मान निधि का पैसा नहीं मिलेगा। इसमें वकील, डॉक्टर, सीए आदि भी इस योजना से बाहर होते हैं।
अगर आप अपने मोबाइल या कंप्यूटर की मदद से स्टेटस चेक कर रहे हैं तो आपकी आठवीं या अगली किस्त के बारे में वेटिंग फॉर अप्रूवल बाइ स्टेट लिखा दिखेगा। इसका मतलब है कि राज्य सरकार ने अभी तक पीएम किसान की इस किस्त को अप्रूव नहीं किया है। अगर किसी किसान का स्टेटस आरटीएफ साइन्ड बाइ स्टेट गर्वमेंट लिखकर आ रहा है तो इसका मतलब विस्तार से यहां समझें।
जब आप पीएम किसान सम्मान निधि की वेबसाइट यानी https://pmkisan.gov.in/ पर जाकर अपना पेमेंट स्टेटस चेक करते हैं, तो कई बार आपको आरटीएफ साइन्ड बाइ स्टेट फॉर 1, 2, या 7वीं किस्त लिखा दिखेगा। यहां आरटीएफ का मतलब होता है कि रिक्वेस्ट फॉर ट्रांसफर। इसका मतलब हैं कि 'राज्य सरकार ने लाभार्थी के डेटा की जांच कर ली गई है, जो की सही है।' इसके बाद राज्य सरकार केंद्र से अनुरोध करती है की लाभार्थी के खाते में पैसे भेजे जाएं।
वैसे तो पीएम किसान की आठवीं किस्त (अप्रैल-जुलाई वाली किस्त) इसी महीने आनी शुरू होनी है। लेकिन बड़े पैमाने पर मिली गड़बड़ियों के कारण राज्य सरकारें पूरी तरह चेकिंग के बाद ही अपना अप्रूवल देना चाहती हैं। ऐसे में लाभार्थियों यानी किसानों का वेरिफिकेशन भी समय-समय किया जा रहा है। अभी तक अधिकतर राज्यों ने आरटीएफ साइन नहीं किया है, जिसके कारण आठवीं किस्त अटकी हुई है।
जहां तक पीएम किसान निधि का पैसा किसानों के खातों में आने की बात है, तो यह अप्रैल से जुलाई तक आता रहेगा। राज्य सरकारों की तरफ से आरटीएफ साइन करने के बाद केंद्र सरकार एफटीओ जेनरेट करती है। आपने देखा होगा जब किस्त आने वाली होती है तो पीएम किसान पोर्टल पर स्टेटस में एफटीओ इज जेनेरेटिड एंड पेंमेंट कंफमेंशन इस पेंडिंग लिखा दिखाई देता है। इसका मतलब है कि आपकी किस्त जल्द ही आपके बैंक खाते में ट्रांसफर होने वाली है। उम्मीद की जा सकती है कि यह किस्त मई की शुरुआत में मिले।
एफटीओ का मतलब होता है कि फंड ट्रांसफर आर्डर। इसका मतलब हैं कि 'राज्य सरकार की तरफ से लाभार्थी के आधार नंबर, बैंक खाता संख्या और बैंक के आईएफएससी कोड सहित अन्य विवरणों की शुद्धता सुनिश्चित कर ली गई हैं'। आपकी किस्त की राशि तैयार हैं, और सरकार की तरफ से इसे आपके बैंक खाते में भेजने के आदेश दे दिए गए हैं।
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