Eid ul Fitr Date 2026: मुस्लिम समाज में रमजान का बहुत अहम माना जाता है क्योंकी इस पूरे महीने मुस्लिम लोग बड़ी सिद्दत के साथ खुदा की इबादत किया करते हैं। जब रमजान (Ramzan)का महिना पूरा हो जाता है उसके बाद चांद देखकर ईद-उल-फितर (Eid ul Fitr) यानी ईद का त्योहार बड़ी ही धूमधाम से मनाते हैं। यह दिन खुशी, आपसी भाईचारे और धन्यवाद का प्रतीक माना जाता है।

Advertisement

ईद के दिन सुबह लोग मस्जिदों में इकट्ठा होकर ईद-उल-फितर नमाज अदा करते हैं। नमाज के बाद लोग एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद देते हैं। घरों में भी इस दिन लजीज खाने बनाए जाते हैं। खास तौर पर सेवइयां, मिठाइयां और कई पारंपरिक व्यंजन इस त्योहार की पहचान होते हैं। बच्चों में भी ईद को लेकर खास उत्साह रहता है।

Advertisement

चांद दिखने पर तय होती है ईद

ईद की तारीख पहले से तय नहीं होती, क्योंकि इस्लामिक कैलेंडर चंद्रमा के आधार पर चलता है। रमजान के बाद जब शव्वाल महीने का नया चांद दिखाई देता है, तभी ईद मनाई जाती है।

जिस रात चांद नजर आता है, उसे चांद रात कहा जाता है। उसी रात से लोग ईद की तैयारियों को अंतिम रूप देने लगते हैं और अगले दिन ईद का त्योहार मनाया जाता है।

Advertisement

सऊदी अरब में कब हो सकती है ईद

खगोलीय कैलकुलेशन के अनुसार 19 मार्च 2026 की शाम को चांद दिखाई देने की संभावना जताई जा रही है। अगर उस दिन चांद दिख जाता है, तो Saudi Arabia और खाड़ी देशों में 20 मार्च को ईद मनाई जा सकती है। लेकिन अगर उस दिन चांद नहीं दिखाई देता, तो रमजान के 30 रोजे पूरे होने के बाद 21 मार्च को ईद मनाई जाएगी।

Advertisement

भारत में कब मनाई जा सकती है ईद

अक्सर ऐसा देखा जाता है कि India में चांद सऊदी अरब के मुकाबले एक दिन बाद दिखाई देता है। इसी वजह से यहां ईद भी आमतौर पर एक दिन बाद मनाई जाती है।

मौजूदा अनुमान के अनुसार अगर सऊदी अरब में 20 मार्च को ईद मनाई जाती है, तो भारत में 21 मार्च 2026 को ईद-उल-फितर मनाए जाने की संभावना है। हालांकि आखिरी फैसला चांद देखने वाली समितियों की घोषणा के बाद ही होता है।

Advertisement

त्योहार को लेकर बढ़ने लगा उत्साह

रमजान के आखिरी दिनों में बाजारों में भी रौनक बढ़ जाती है। लोग नए कपड़े, मिठाइयां और कई तरह के सामान की खरीदारी करते हैं। परिवार के लोग एक-दूसरे के लिए तोहफे भी लेते हैं।

जैसे ही ईद का चांद नजर आता है, पूरे माहौल में खुशी फैल जाती है और लोग अगले दिन इस त्योहार को बड़े उत्साह के साथ मनाने की तैयारी करते हैं।