नई दिल्ली, अक्टूबर 4। यदि आप विदेश के पढ़ाई करने के बारे में सोच रहे हैं। मगर वह की अधिक फीस आपके सपनो के बीच आ रही हैं तो फिर आपको अधिक परेशान होने की कोई जरूरत नहीं हैं। आप विदेश में पढ़ाई करने के लिए एजुकेशन लोन की सहायता ले सकते हैं और अपने सपने को पूरा कर सकते हैं। अगर आप एजुकेशन लोन लेना चाहते हैं तो फिर आज आपको एजुकेशन लोन के फायदे और एजुकेशन लोन के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत होगी। उसकी जानकारी देंगे तो फिर चलिए जानते हैं।
यदि आप एजुकेशन लोन लेना चाहते हैं तो फिर ये लोन 1 लाख रूपये से लेकर 1 करोड़ रूपये तक हो सकता हैं। लोन की अमाउंट आपके स्टडी के एरिया पर निर्भर करता हैं। बहुत सारे बैंक हैं जो देश में यानी भारत में पढ़ाई के लिए 50 लाख रूपये तक और विदेश में पढ़ाई के लिए 1 करोड़ रूपये तक का एजुकेशन लोन देते हैं। ये जो सुविधा हैं वो अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट स्टूडेंट को दी जाती हैं।
सारे बैंक छात्र को एजुकेशन फीस का पूरी राशि नहीं देते हैं, मगर कुछ स्पेशल मामलों में 100 प्रतिशत फाइनेंसिंग की सुविधा भी मिल सकती हैं। बता दें, फाइनेंसिंग में बेहद आवश्यक पढ़ाई के मैटेरियल, जैसे की ट्रैवल, लैपटॉप आवश्यक मैटेरियल के खर्चे भी इसमें शामिल होते हैं। बैंक एजुकेशन लोन के रिपेमेंट के लिए एक बेहतर समय देता हैं पढ़ाई के पूरे होने के 12 वर्ष बाद तक बैंक की तरफ से रिपेमेंट का समय दिया जाता हैं। इस वजह से पढ़ाई के पूरे होने के बाद छात्र को पैसे जमा करने के लिए एक अच्छा समय मिल जाता हैं।
जरूरी दस्तावेज एजुकेशन लोन के लिए
एजुकेशन लोन के लिए जरूरी दस्तावेज के रूप में 10वीं क्लास और 12वीं क्लास की मार्कशीट और पासिंग सर्टिफिकेट देना होगा। आप जिस कॉलेज में या फिर यूनिवर्सिटी में एडमिशन ले रहे हैं उसका एडमिशन लेटर देना होगा। उसके साथ ही आपको आपकी फीस का स्ट्रक्चर की जानकारी भी देनी होगी। आपको एप्लिकेंट और को-एप्लिकेंट के केवाईसी दस्तावेज भी देने होंगे। इसके साथ ही आपको आपका आय प्रमाण पत्र भी देना होगा।
यदि आप 4 लाख रूपये से कम का एजुकेशन लोन के रहे हैं तो फिर बैंक आपसे कोलैटरल नहीं मांगते। यदि आपकी राशि 4 लाख रूपये या फिर उससे अधिक की हैं। 4 - 7.5 लाख रूपये तक का लोन हैं तो फिर आपको थर्ड पार्टी गारंटर की आवश्यकता होगी। वही आपका लोन को राशि अगर 7.5 लाख रूपये से अधिक की हैं तो फिर ऐसे में आपको कोलैटरल बहुत ही जरूरी हो जाता है। बता दें, कोलैटरल एक ऐसा एसेट होता है जो कोई लेंडर लोन के लिए सुरक्षा के रूप में स्वीकार करता है।
रिपेमेंट का समय 5 से 7 वर्ष तक बढ़वा सकते हैं
बता दे यदि आप विदेश में पढ़ाई करना चाहते हैं और उसके लिए लोन ले रहें हैं तो फिर लोन लेने के लिए इंश्योरेंस बेहद जरूरी होता हैं। जब आप एजुकेशन लोन ले लेते हैं तो उसके तुरंत बाद आपको रिपेमेंट करना जरूरी नहीं होता हैं। आप आपकी पढ़ाई पूरी करने के कुछ महीने बाद से लोन का भुगतान करना शुरू कर सकते हैं। बहुत सारे केसेज ऐसे भी हैं जिसमें आप पढ़ाई के पूरे होने के कुछ वर्ष बाद यानी 5 से 7 वर्ष तक के लिए बढ़वा सकते हैं।
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