Economic Survey 2024-25 in Hindi: देश का आर्थिक सर्वेक्षण आज 31 जनवरी को पेश हो गया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में इसे पेश किया. इसमें महंगाई, रोजगार, आर्थिक ग्रोथ समेत बैंकिंग सिस्टम और फॉरेक्स रिजर्व तक की जानकारी दी गई. सरकार ने नए फाइनेंशियल ईयर FY26 के लिए आर्थिक ग्रोथ 6.3-6.8% रहने का अनुमान दिया है. साथ ही रिटेल और खाद्य महंगाई को लेकर भी ट्रिगर्स पर भी फोकस किया है. इकोनॉमिक सर्वेक्षण, केंद्रीय बजट पेश होने से पहले पेश होता है. अब 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट पर निगाहें हैं, जोकि वित्त मंत्री शनिवार को सुबह 11 बजे लोकसभा में पेश करेंगी.

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आर्थिक ग्रोथ को लेकर सरकार का अनुमान

वित्त मंत्री ने संसद में 31 जनवरी को इकोनॉमिक सर्वे पेश किया. इसमें FY26 के लिए GDP ग्रोथ 6.3-6.8% रहने का अनुमान जताया है. ग्रोथ की यह रफ्तार इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) के अनुमान के मुताबिक है, जोकि 6.5 फीसदी है. हालांकि, वर्ल्ड बैंक के अनुमान 6.7 फीसदी से कम है.

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इकोनॉमिक सर्वे से पहले केंद्र सरकार ने 7 जनवरी को जारी पहले एडवांस एस्टिमेट में FY25 के लिए GDP ग्रोथ 6.4 फीसदी रहने का अनुमान जताया. हालांकि, यह पिछले इकोनॉमिक सर्वे के 6.5-7% के मुकाबले कम है. वहीं, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 6.6 फीसदी ग्रोथ का अनुमान दिया. बता दें कि खराब मैन्युफैक्चरिंग परफॉर्मेंस और धीमे कैपेक्स से दूसरी तिमाही में ग्रोथ की रफ्तार कमजोर हो गई. रियल जीडीपी ग्रोथ गिरकर Q2FY25 में 2 साल के निचले स्तर 6.5 फीसदी पर आ गया. साल की पहली छमाही में इकोनॉमी 6 फीसदी बढ़ी और दूसरी छमाही के लिए सरकार का अनुमान 6.8 फीसदी रहने का अनुमान है.

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चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर वी अनंत नागेश्वरन ने कहा कि हमें घरेलू विकास और बाजार पर अपना खेल खेलना होगा. ग्लोबल कॉन्टेक्स्ट को देखते हुए हमें लेवल प्लेइंग फील्ड तक अपनी चीजों को उठाना होगा. चीन अब दुनिया की सबसे बड़ी मैन्युफैक्चरिंग सुपर पावर है. जरूरी टेक्नोलॉजीकल आइटम्स में उसकी हिस्सेदारी उससे बाद के 10 देशों के जॉइंट स्टेक से ज्यादा हो गई है. वहीं, स्ट्रैटिजिक कंपिटीशन से नए इंपोर्ट बैन बढ़े हैं.

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महंगाई को लेकर मिली राहत!

सब्जियों की कीमतों में गिरावट से महंगाई से राहत मिली. महंगाई दर की स्थिति संतुलित स्तर पर बरकरार है. हालांकि, आगे लक्ष्य के मुताबिक रिटेल महंगाई बने रहने की आशंका है. आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि FY25 की चौथी तिमाही में खाद्य महंगाई में नरमी दिख सकती है, जोकि रबी फसलों की पैदावर अच्छी होने की संभावना है. FY26 के लिए GDP ग्रोथ अनुमान 6.3-6.8% है. इसके तहत घरेलू मोर्चे पर ग्रामीण मांग में बढ़ोतरी की उम्मीद है. साथ रूरल डिमांड बढ़ने से खपत में बढ़ोतरी होने का संभावना जताई गई है. .

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एग्रीकल्चर सेक्टर में अच्छी ग्रोथ

एग्रीकल्चर सेक्टर में शानदार ग्रोथ देखने को मिला. इस लिगाज से एग्री सेक्टर में एवरेज 5% की सालाना ग्रोथ देखने को मिल सकती है. इसमें यह भी बताया गया कि FY25 के लिए नेशनल मॉनेटाइजेशन पाइपलाइन का टारगेट 1.91 लाख करोड़ रुपए रखा गया है.

सरकार 1303 करोड़ रुपए के अर्बन वाटरवेज प्रोजेक्ट्स (Urban Waterways Projects) पर काम कर रही है, जोकि रिवर ट्रांसफोर्ट प्रोजेक्टको बढ़ावा देने और शहरी परिवहन के विकल्प को बढ़ाने की दिशा में अहम कदम है. सरकारी कैपेक्स में जुलाई से नवंबर 2024 के बीच बढ़ा. फिलहाल FY25 में प्राइवेट कंजप्शन में स्थिरता देखने को मिली.

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लेबर मार्केट में सुधार

सरकारी दस्तावेज के मुताबिक पिछले 7 सालों में लेबर मार्केट में सुधार देखने को मिला. बेरोजगारी दर फाइनेंशियल ईयर 2018 में 6 फीसदी थी, जोकि फाइनेंशियल 2024 में घटकर 3.2 फीसदी पर आ गई. ईपीएफओ के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले 6 सालों में पेरोल दोगुने हुए हैं. इसके अलावा सरकार ने लेबर मार्केट में एआई से बदलावों का स्थाई असर देखने की बात कही.