TAX : अगर आप किसी कंपनी में जॉब करते है और पिछले वर्ष आपके वेतन में थोड़ी वृद्धि हुई है। जिस वजह से आपका वेतन (सीटीसी) बढ़कर सालाना 10 लाख रूपये हो गया हैं। अगर आपको पिछले साल किसी तरह टैक्स में लाभ मिला था और आप इस साल भी चाहते है। कि 31 मार्च तक ऐसा क्या किया जाए। कि आपको इनकम टैक्स नहीं देना पड़े और आपको आयकर की छूट का फायदा मिल जाए। कई सारे लोगों को यही समस्या होती है कि उन्हें इस बात की जानकारी ही नहीं होती है। कि कैसे टैक्स छूट का लाभ उठाया जाए खासकर नौकरी पैसा जो लोग है। वे टैक्स को बचाने की जोड़ तोड़ में जुटे हुए है, तो आज हम आपको बताने वाले है। कि आपका सालाना वेतन 10 लाख रु है, तो फिर आपको एक रूपये भी टैक्स नहीं देना पड़ेगा। सरकार की निर्धारित टैक्स का आपको लाभ उठाना है और आपको जो 10 लाख रूपये की आय है। इसके बावजूद आयकर मुक्त हो सकते हैं, तो आइए जानते हैं इसके बारे में सारी डिटेल।
इनकम टैक्स के नियमों के अनुसार, अगर आपकी वार्षिक कमाई 2.5 लाख रूपये तक है, तो फिर आपको कोई टैक्स नहीं देना होता है। अगर कमाई 2.5 लाख रूपये से 5 लाख रूपये है, तो फिर 5 प्रतिशत टैक्स का प्रावधान है। जबकि अगर आपकी वार्षिक आय 5 लाख से 10 लाख रूपये है, तो फिर आपसे 20 प्रतिशत टैक्स वसूला जाता है। वहीं, 10 लाख रु और उससे अधिक की वार्षिक आय पर 30 प्रतिशत टैक्स स्लैब है। आज हम आपसे बात कर रहे है कि अगर आपकी वार्षिक सैलरी 10 लाख रूपये है और यह इस तरह 20 प्रतिशत के टैक्स के दायरे में आता है। अगर आप चाहों, तो एक रुपया भी टैक्स नहीं देना पड़ेगा। क्योंकि वो निवेश और आयकर छूट का फायदा उठाकर टैक्स की पूरी राशि को बचा सकते हैं।
आपको स्टैंडर्ड डिडक्शन के रूप में 50 हजार रु तक का छूट मिलता है। आपको सबसे पहले इसको अपनी कमाई में से घटा दे। (10,00,000-50,000= 9,50,000 रुपये) इसका मतलब यह है। कि अब 9.50 लाख रूपये है। यही टैक्स के दायरे में आता है।
1.50 लाख रूपये की छूट 80सी के तहत
आप आयकर की धारा 80सी के तहत 1.5 लाख रूपये की बचत कर सकते है। इसके लिए इन स्कीम्स में निवेश करना होगा जैसे ईपीएफ, पीपीएफ, ईएलएसएस, एनएससी आदि। इतना ही नहीं आप 2 बच्चों की ट्यूशन फीस के रूप में 1.5 लाख रूपये तक की राशि पर आयकर की छूट का फायदा ले सकते है। इसके बाद आप आपकी जो आमदनी है। इसमें से आप डेढ़ लाख रुपये को घटा दे। (9,50,000- 1,50,000= 8,00,000 रुपये), अब टैक्स के दायरे में 8,50,000 रुपये आता है।
अगर आप एनपीएस में अगर से वर्ष 50 हजार रु का निवेश करते है, तो सेक्शन 80सीसीबी (1बी) के तहत आपको अतिरिक्त 50 हजार रु बचाने में सहायता मिलती है। अब आप अपने कुल आय में इस रकम को घटा दे 8 लाख रूपये से 50 हजार रु घटते है, तो फिर आपकी 7.5 लाख कमाई टैक्स के दायरे में आता है।
अतिरिक्त को 2 लाख रूपये बचाएं होम लोन पर
आप 2 लाख रूपये की अतिरिक्त बचत होम लोन पर भी ले सकते है। अगर आपने कोई होम लोन ले रखा है, तो फिर इनकम टैक्स के सेक्शन 24बी के तहत 2 लाख के ब्याज पर टैक्स छूट का फायदा उठा सकते हैं। इसमें भी आपको अपनी जो वार्षिक आय है। इसको आपको माइनस कर देना है (7,50,000-2,00,000 = 5,50,000 रुपये), इसके बाद आपका जो 5.50 लाख रुपये है। यह टैक्स में दायरे में आता है।
आयकर टैक्स के सेक्शन 80डी है इसके तहत आप मेडिकल पॉलिसी लेकर आप 25,000 रूपये तक टैक्स बचा सकते हैं। इसके अलावा माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के नाम पर स्वास्थ बीमा की खरीद पर 50 हजार रु तक अतिरिक्त डिडक्शन पा सकते हैं। (5,50,000- 75,000= 4,75,000 रुपये), इसके बाद आपके टैक्स के दायरे में 4 लाख 75 हजार रु की आय आती है।
आयकर की सेक्शन 87ए
इनकम टैक्स का नियम बिल्कुल साफ है। कि आपकी 5 लाख रूपया की जो आय है। इसमें टैक्स 12,500 रुपये (2.5 लाख रूपये का 5प्रतिशत) बनता है। ऐसे में आपको आयकर की सेक्शन 87ए है। इसके तहत आपको 12500 रूपये का रिबेट मिलता है यानी आपको कोई टैक्स नहीं देना पड़ेगा।
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