नई दिल्ली। देशव्यापी लॉकडाउन के चलते अचानक लोगों ने गैंस सिलेंडरों की होल्डिंग शुरू कर दी है। ज्यादातर लोगों को लोगों को लग रहा है कहीं गैस सिलेंडरों की आपूर्ति रुक न जाए। इसी के चलते लोग अपना दूसरा सिलेंडर तुरंत भरवाना चाह रहे हैं। वहीं काफी घर ऐसे भी हैं, जिनके पास दो से भी ज्यादा सिलेंडर हैं। दूसरी तरफ सरकार और ऑयल कंपनियां लोगों को लगातार बता रही हैं कि देश में न गैस की कमी है और न ही गैस सिलेंडरों की। लेकिन लोग नहीं मान रहे हैं। इसके चलते अब ऑयल कंपनियों ने गैस सिलेंडरों की बुकिंग का तरीका ही बदल दिया है। इससे लोगों को तकलीफ भी नहीं होगी और सभी को सिलेंडर आसानी से मिल भी जाएगा।

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अब बदला गैस सिलेंडर बुकिंग का तरीका

देश की सबसे बड़ी तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) ने कोरोना वायरस (कोविड-19) के मद्देनजर लोगों से ‘पैनिक बुकिंग' नहीं कराने की अपील करते हुए कहा है कि अब 15 दिन के अंतर पर ही रसोई गैस की बुकिंग कराई जा सकेगी।

इंडियन ऑयल ने बताया देश में रसोई गैस की किल्लत नहीं

इंडियन ऑयल के अध्यक्ष संजीव सिंह ने एक वीडियो संदेश में आश्वस्त किया कि देश में रसोई गैस की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति पूरे देश में सुचारू है। पेट्रोल, डीजल या रसोई गैस को लेकर कोई किल्लत या कोई दिक्कत नहीं है। विशेषकर रसोई गैस के लिए आश्वस्त करना चाहता हूं कि आप लोग निश्चिंत रहें। एलपीजी की आपूर्ति सुचारू रूप से चल रही है और चलती रहेगी। ग्राहकों से निवेदन है कि पैनिक बुकिंग न करें। इससे सिस्टम पर अनावश्यक दबाव पड़ता है। हमने अब यह व्यवस्था शुरू की है कि कम से कम 15 दिन के अंतर से पहले ग्राहक रिफिल बुकिंग नहीं करा सकेंगे।

लॉकडाउन के बाद रसोई गैस की मांग बढ़ी

लॉकडाउन के बाद से देश में पेट्रोल-डीजल की खपत तो कम हुई है, लेकिन रसोई गैस की मांग बढ़ गई है। अब तक ग्राहकों के बुकिंग पर कोई समय सीमा लागू नहीं थी। आम उपभोक्ताओं को एक साल में पहले 12 घरेलू रसोई गैस सिलिंडर पर सब्सिडी मिलती है, जबकि उसके बाद सब्सिडी नहीं मिलती। सिंह ने कहा कि रसोई गैस का देश में भरपूर भंडार है। आयात टर्मिनल, रिफाइनरी, बॉटलिंग संयंत्र, परिवहन नेटवर्क, वितरण नेटवर्क सब पूरी तरह काम कर रहे हैं। इंडियन ऑयल अपने चैनल साझेदारों के साथ यह सुनिश्चित करने में लगा है कि लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।