नई दिल्ली, अप्रैल 22। अगर आपको बैंक में कोई काम है तो पहले नई टाइमिंग के बारे में जान लें। महामारी के दूसरे लहर का कहर अब बैंकों के कामकाज पर भी पड़ा है। महामारी के बढ़ते संक्रमण और लगातार बैंक अधिकारियों की मांगों को देखते हुए बैंक के समय में बदलाव किया गया है। राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी (एसएलबीसी) की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई बैठक में बीते कल मंगलवार को अहम निर्णय लिया गया। राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी के समन्वयक बृजेश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक बैंकिंग कार्यकाल के दौरान अभी सिर्फ चार प्रकार की सेवाएं ही मुहैया होंगी। इसके तहत नगद जमा, 25 हज़ार से अधिक नगद निकासी, चेकों की क्लीयरिंग, रेमिटेंस और सरकारी लेनदेन ही होंगे।
इसके साथ ही बैंकों की संस्था स्टेट लेवल बैंकर्स कमिटी (एसएलबीसी) यूपी ने सर्कुलर जारी कर कामकाज के घंटे कम करने और स्टाफ में कटौती का निर्देश दिया है। ये बदलाव आज यानी 22 अप्रैल से शुरू होकर 15 मई तक प्रभावी रहेंगे। बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा जारी रिलीज के मुताबिक, प्रदेश भर के बैंकों का समय सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक रहेगा। मतलब रोजाना महज 4 घंटों के लिए ही लोगों को बैंकिंग सुविधाएं मिलेंगी। जिनमें से केवल आवश्यक सेवाएं ही जारी रहेंगी, जैसे- कैश जमा करना, कैश निकालना, चेक की क्लियरिंग, रेमिटन्स और सरकारी ट्रांजैक्शन शामिल हैं। जबकि शाम 4 बजे बैंक बंद हो जाएगा। अगर जरूरत पड़ी तो आदेश को आगे भी जारी रखा जाएगा।
इसके अलावा बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए बैंकों में 50% कर्मचारियों से ही काम लिया जाएगा। जिसकी व्यवस्था रोटेशनल मोड में की जाएगी। बता दें कि बैक ऑफिस सेवाएं जैसे करंसी चेस्ट, एटीएम कैश लोडिंग वेंडर्स, कोर बैंकिंग सॉल्यूशंस, डाटा सेंटर, डाटा रिकवरी सेंटर, एटीएम बैक ऑफिस, साइबर सिक्योरिटी, सर्विस ब्रांच, क्लियरिंग हाउस, बैंक ट्रेजरी हाउस, फॉरेक्स बैक ऑफिस, अपने नॉर्मल समय के मुताबिक काम करेंगे। कर्मचारियों को सरकार द्वारा घोषित कोविड नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।
25000 से कम निकासी के लिए ग्राहकों को एटीएम का सहारा लेना होगा। वहीं लोन की सारी सेवाएं बंद रहेंगी। पासबुक प्रिंटिंग बंद रहेगी, साथ ही साथ बैंकों की तमाम स्किम पर जानकारी व उससे प्रदत सेवाओं को बैंक द्वारा पूर्ण रुप से बंद किया जाएगा। सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष ध्यान रखते हुए शाखा के अंदर सिर्फ एक बार में 5 व्यक्तियों का ही प्रवेश होगा। राजधानी लखनऊ सहित सूबे में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए एसएलबीसी द्वारा बैंक कर्मचारियों के हित में यह निर्णय लिया गया है जिससे बैंकिंग व्यवस्था को बाधित किए बिना ग्राहकों को जरूरी सुविधाएं दी जा सके।
1 अप्रैल, गुरुवार - ओडिसा डे, बैंको के सालाना अकाउंट्स का क्लोजिंग ईयर
2 अप्रैल, शुक्रवार - गुड फ्राइडे
4 अप्रैल, रविवार - ईस्टर
5 अप्रैल, सोमवार - बाबू जगजीवन राम जयंती
13 अप्रैल, मंगलवार - उगड़ी, तेलुगू न्यू ईयर, गुड़ी पाड़वा, वैसाख, बिजू फेस्टिवल, बोहाग बिहू
14 अप्रैल, बुधवार - डॉ. अंबेडकर जयंती, तमिल न्यू ईयर, अशोकी महान की जयंती।
15 अप्रैल, गुरुवार - हिमाचल डे, विशु, बंगाली न्यू ईयर, सरहुल
21 अप्रैल, गुरुवार - रामनवमी
25 अप्रैल, रविवार - महावीर जयंती
बैंकों के अवकाश के बावजूद इन दिनों में मोबाइल और इंटरनेट बैंकिंग जारी रहेगी ऐसे में बैंकिंग से जुड़े अपने काम इन छुट्टियों को ध्यान में रखकर प्लान कर लें। इसके अलावा छोटे-मोटे कामकाज के लिए आप ऑनलाइन बैंकिंग का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। बैंक की शाखाएं भले ही बंद रहें लेकिन आप इंटरनेट बैंकिंग के जरिए अपने कई काम निपटा सकते हैं। राज्यों में बैंक की छुट्टियां अलग-अलग हो सकती हैं। इसलिए सभी ग्राहक बैंकिंग से जुड़े अपने काम इसी को ध्यान में रखकर प्लान करें।
नोट : भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की वेबसाइट पर छुट्टियों की लिस्ट देख सकते हैं। इसके साथ ही, आपको बता दें कि हर राज्य के हिसाब से बैंक में छुट्टियां अलग-अलग होती है। जिन राज्यों में स्थानीय छुट्टियां हैं, उनको छोड़कर अन्य राज्यों में बैंकिंग कामकाज सामान्य तरीके से होगा। आप चाहें तो नीचे दिए गये
लिंक पर क्लिक कर छुट्टियों की लिस्ट देख सकते है। https://www.rbi.org.in/Scripts/HolidayMatrixDisplay.aspx
More Articles
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित
- GST e-Way Bill में बड़ा बदलाव: 1 अगस्त से Ship-to GSTIN अनिवार्य, कहीं आपका माल न रुक जाए!