नयी दिल्ली। कोरोनावायरस ने दुनिया भर में बेरोजगारी काफी बढ़ा दी है। कई दिग्गज कंपनियों तक ने अपने सैकड़ों-हजारों कर्मचारियों को नौकरियों से निकाल दिया। जो बचे हैं उन्हें सैलेरी में कटौती का सामना करना पड़ रहा है। जिन लोगों के अपने छोटे-मध्यम कारोबार थे लॉकडाउन ने उनकी भी कमर तोड़ दी। उद्योग-धंधे चौपट हो गए और लोगों इनकम के जरिए खत्म या बहुत कम हो गए। ऐसे में लोगों के पास दूसरे ऑप्शन भी बहुत सीमित रह गए। मगर एक देश ऐसा है जहां के लोगों ने इतिहास के पन्ने पलटते हुए अपने अतीत से कमाई का जरिया ढूंढ लिया। ये देश है इटली। इटली के लोगों कोरोना से बढ़ी बेरोजगारी के बीच खेती से पैसा कमाना शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में इटली के लोगों ने एक बार फिर से खेती का रुख करके अपने रोजगार का इंतेजाम किया। इतना ही नहीं वहां के लोग दूसरे देशों तक के लोगों को रोजगार दे रहे हैं। आइए जानते हैं पूरा मामला।
इटली में बहुत से नए लोग खेती में हाथ आजमा रहे हैं। उनका कारोबार इतना बढ़ रहा है कि उन्हें मोरक्को, रोमानिया और नाइजीरिया जैसे देशों से काम करने वालों को बुलाना पड़ रहा है। बता दें कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद इटली का औद्योगीकरण हुआ और इस देश ने फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। लेकिन कोरोनावायरस से सोसाइटी और अर्थव्यवस्थाओं में भारी गिरावट आई है। वायरस के कारण देश में मौसमी कामगार घरों में बंद हैं, जबकि रिटेल, मनोरंजन, फैशन और अन्य बड़े उद्योगों में काम करने वाले लोगों के सामने भी संकट है। इसी दौरान वहां अधिक लोग खेती पर ध्यान दे रहे हैं।
एक रिपोर्ट के अनुसार अभी तक लोगों का ध्यान प्राकृतिक वाइन हिपस्टर्स या बुटीक गार्डन की तरफ था। इसके लिए प्राचीन बीजों से खेती या बागबानी की जाती रही है। मगर अब बड़ी संख्या इटली के लोग खेतों में बतौर कामगार भी काम करने की सोच रहे हैं, जो एक संकटग्रस्त देश और महाद्वीप को खिलाने के लिए आवश्यक भी हो गया है। दरअसल उनके बिना सैकड़ों टन ब्रोकोली, फवा बीन्स, फल और सब्जियों के बेल पर सूखने या जमीन पर सड़ने का खतरा है। वायरस के चलते इटली में डेवलपमेंट मॉडल और देश के काम करने के तरीकों पर पुनर्विचार भी हो रहा है।
दरअसल इटली और बाकी यूरोप के लिए भी कृषि एक जरूरत बन रही है। बड़ी युवा आबादी सहित कई स्तरों पर भोजन की कमी हो रही है। ऐसे में बेरोजगार युवा पेशेवरों सहित बाकी लोगों के लिए कृषि ऐसा ऑप्शन है जहां अपना भविष्य बनाया जा सकता है। लेकिन बहुत से लोगों के लिए वापस खेती पर लौटना आसान नहीं है। दरअसल इटली के लोगों के लिए कृषि का काम काफी अलग हो गया है, क्योंकि मौसमी श्रमिकों के रूप में वहां विदेशी लोग पहुंचते हैं। इटली में विदेशी लोग खेतों में अपनी सेवाएं देने के लिए दशकों से पहुंच रहे हैं। ये अपने आप में इटली वालों के लिए एक चुनौती है।
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