US India Trade Deal: भारत और अमेरिका के रिश्तों में जल्द ही एक नया अध्याय जुडने वाला है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि दोनों देशों के बीच नई फेयर ट्रेड डील (Fair Trade Deal) पर बातचीत आखिरी चरण में चल पहुंच गई है। ट्रंप का कहना है भारत और अमेरिका दोनों के लिए बेहतर होगा और इससे आर्थिक साझेदारी को भी मजबूती मिलेगी।

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ट्रंप बोले - अब संतुलित सौदा होगा

ट्रंप ने कहा इस बार जो डील हो रही है, वह पहले के मुकाबले काफी अलग और संतुलित होगी। पहले के समझौते कुछ हद तक एकतरफा थे, जिससे कुछ देशों को ज्यादा फायदा मिला। लेकिन अब अमेरिका चाहता है कि भारत के साथ होने वाला सौदा दोनों के हितों को बराबर महत्व दे। ट्रंप ने कहा कि नई डील का मकसद व्यापारिक रिश्तों को लंबे समय के लिए स्थिर और भरोसेमंद बनाना है।

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भारत पर ऊंचे टैरिफ को लेकर संकेत

अभी अमेरिका भारत के कई प्रोडक्ट्स पर 50 फीसदी तक टैरिफ लगाता है। यह दर अमेरिका के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में सबसे ज्यादा है। ट्रंप ने कहा कि भारत पर ये ऊंचे शुल्क फिलहाल जारी हैं, लेकिन आने वाले समय में इन्हें धीरे-धीरे घटाया जाएगा, ताकि व्यापार को और स्पीड मिल सके।

रूस से तेल खरीद पर रुख बदलने का असर

ट्रंप ने यह भी बताया कि भारत ने अब रूस से तेल की खरीद में काफी कमी की है। इससे अमेरिका का रुख भी बदल रहा है और अब दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग और ऊर्जा साझेदारी को लेकर नए रास्ते खुल रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत के इस कदम से भविष्य में टैरिफ कम करने पर सहमति बन सकती है।

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सर्जियो गोर बने नए अमेरिकी राजदूत

हाल ही में सर्जियो गोर ने भारत में अमेरिका के नए राजदूत के रूप में कार्यभार संभाला है। ट्रंप ने उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में दोनों देशों के बीच निवेश, तकनीक और सुरक्षा सहयोग में तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि गोर भारत-अमेरिका रिश्तों को एक नई दिशा और मजबूती देंगे।

"फेयर डील दोनों देशों के लिए फायदेमंद" - ट्रंप

ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार भारत के साथ एक ऐसी डील चाहती है जो पूरी तरह पारदर्शी और न्यायसंगत हो। उन्होंने दावा किया कि नया समझौता दोनों देशों के लिए रोजगार, निवेश और निर्यात के नए अवसर लेकर आएगा।

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अगर यह ट्रेड डील साइन होती है, तो यह भारत और अमेरिका के बीच अब तक का सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक समझौता हो सकता है। इससे न केवल दोनों देशों के उद्योगों को फायदा मिलेगा बल्कि वैश्विक व्यापारिक संबंधों में भी नई ऊर्जा आएगी।