Donald Trump: अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप शपथ ग्रहण के बाद से ही कई अहम फैसले ले रहे. टैरिफ को लेकर आक्रामक रवैया तो रहा ही है. साथ ही अमेरिका में अवैध रह रहे नागरिकों को लेकर भी सख्त कदम उठा रहे. ट्रम्प प्रशासन अब कई देशों के नागरिकों पर यात्रा प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहा है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक यह संभावित नया प्रतिबंध वीज़ा जारी करने को काफी प्रभावित कर सकता है.
नेशनल सिक्योरिटी का ख्याल
जनवरी में ट्रम्प ने अमेरिका में प्रवेश करने वाले विदेशी नागरिकों के लिए सुरक्षा जांच बढ़ाने के लिए एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए. इसका उद्देश्य संभावित राष्ट्रीय सुरक्षा खतरों की पहचान करना है. इस निर्देश के तहत कई कैबिनेट सदस्यों को 21 मार्च तक उन देशों की लिस्ट पेश करनी होगी, जिनकी यात्रा पर जांच और जांच संबंधी अपर्याप्त जानकारी के कारण संभावित रूप से रोक लग सकती है.
वीज़ा निलंबन की कैटेगरीज
ज्ञापन में 41 देशों को तीन ग्रुप्स में वर्गीकृत किया गया है. पहले ग्रुप में अफ़गानिस्तान, ईरान, सीरिया, क्यूबा और उत्तर कोरिया जैसे 10 देश शामिल हैं, जिन्हें वीज़ा जारी करने पर पूरी तरह से रिजेक्शन का सामना करना पड़ रहा है. दूसरे ग्रुप में 5 देश शामिल हैं, जिसमें इरिट्रिया, हैती, लाओस, म्यांमार और दक्षिण सूडान शामलि हैं. इन देशों में आंशिक निलंबन रहेगा. इसका असर पर्यटक और छात्र वीज़ा पर पड़ेगा.
तीसरे ग्रुप में बेलारूस, पाकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान जैसे 26 देश शामिल हैं. अगर ये देश 60 दिनों के भीतर कमियों को दूर करने में विफल रहते हैं, तो उन्हें आंशिक रूप से वीज़ा जारी करने पर रोक लग सकती है.
संभावित बदलाव और उसका असर
एक अमेरिकी अधिकारी ने चेतावनी दी कि सूची में बदलाव हो सकता है और अभी तक प्रशासन या अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मंजूरी नहीं मिली है. न्यूयॉर्क टाइम्स ने शुरू में यात्रा प्रतिबंधों के लिए विचाराधीन देशों की इस सूची की रिपोर्ट की थी.
यह कदम ट्रंप द्वारा अपने पहले कार्यकाल के दौरान 7 मुस्लिम बहुल देशों से आने वाले यात्रियों पर लगाए गए प्रतिबंध की याद दिलाता है. उस नीति में संशोधन किए गए थे, जिसके बाद 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने इसे बरकरार रखा.
सेफ्टी को लेकर चिंताएं
ट्रम्प ने अक्टूबर 2023 के भाषण में अपनी योजना का पूर्वावलोकन किया. उन्होंने गाजा पट्टी, लीबिया, सोमालिया, सीरिया, यमन और सुरक्षा के लिए खतरा माने जाने वाले किसी भी अन्य क्षेत्र से लोगों पर प्रतिबंध लगाने का संकल्प लिया.
यह पहल ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में शुरू की गई व्यापक आव्रजन कार्रवाई का हिस्सा है. यह संयुक्त राज्य अमेरिका में विदेशी नागरिकों के प्रवेश प्रोटोकॉल को सख्त करने के लिए चल रहे प्रयासों को दर्शाता है.
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