नयी दिल्ली। भारत के बाद अमेरिका में भी टिकटॉक बंद होने की अटकलें तेज हो गई थीं। मगर फिलहाल अमेरिका में टिकटॉक बंद नहीं होगा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार को कहा कि उन्होंने एक समझौते का समर्थन किया है जो टिकटॉक को अमेरिका में काम करना जारी रखने की अनुमति देगा। ये उनके उस फैसले के उलट है जिसमें चीन की बाइटडांस को इस वीडियो ऐप से विनिवेश करने के लिए कहा गया था। अमेरिका के कमर्शियल डिपार्टमेंट ने शुक्रवार को कहा था कि यह इस ऐप के नए डाउनलोड और अपडेट को ब्लॉक करेगा। इस घोषणा के बाद बाइटडांस टिकटॉक को कार्रवाई से बचाने के लिए हाथ-पैर मार रही थी।
क्या है अमेरिका की चिंता
ईटी की एक रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी अधिकारियों ने चिंता व्यक्त की थी कि ऐप का उपयोग करने वाले 10 करोड़ अमेरिकियों का पर्सनल डेटा चीन की कम्युनिस्ट पार्टी वाली सरकार के पास पहुंचाया जा रहा है। ट्रम्प ने बाइटडांस के टिकटॉक को बेचने के लिए 14 अगस्त को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे। मगर अब टिकटॉक और ऑरेकल के बीच डील हो गई है, जिसे ट्रम्प ने हरी झंडी दिखा दी है।
क्या है समझौता
टिकटॉक और ऑरेकल के बीच हुई डील विनिवेश के बजाय एक साझेदारी के रूप में तैयार की गई है। टिकटॉक का मालिकाना हक अब एक नई कंपनी टिकटॉक ग्लोबल के पास होगा और इसका मुख्यालय अमेरिका में होगा। ऑरेकल कॉर्प टिकटॉक ग्लोबल में 12.5% हिस्सेदारी लेगी और अपने सभी अमेरिकी उपयोगकर्ताओं का डेटा अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुपालन के लिए अपने क्लाउड पर संग्रहीत करेगा। रिटेल सेक्टर की दिग्गज कंपनी वॉलमार्ट ने कहा कि वह टिकटॉक ग्लोबल में 7.5% हिस्सेदारी खरीदेगी। इधर जून में चीन-भारत के बीच हुए सीमा विवाद के बाद केंद्र सरकार ने चीन के 59 मोबाइल ऐप्प को बैन कर दिया था। इनमें टिकटॉक और हेलो शामिल थीं।
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