Trump Tariff Impact On India: अमेरिका ने भारत से आने वाले प्रोडक्ट्स पर 25% अतिरिक्त टैरिफ बुधवार, 27 अगस्त से लागू कर दिया है। इस कदम का असर भारतीय उद्योग और अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। आइए जानते हैं 10 अहम बातें।
1. भारत पर सबसे ज्यादा टैक्स
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका में भारत के लिए लागू कुल टैरिफ दर 34% तक पहुंच जाएगी। यह चीन के बाद सबसे ज्यादा है और ASEAN देशों के मुकाबले लगभग दोगुना है।
2. GDP पर प्रभाव
भारत के GDP का लगभग 1% हिस्सा ऐसे निर्यात से आता है जो अमेरिका को जाता है। इसमें टेक्सटाइल और मशीनरी उद्योग सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे क्योंकि इनमें मजदूरी और उत्पादन लागत ज्यादा है।
3. टेक्सटाइल उद्योग को खतरा
50% टैरिफ से भारतीय कपास और जर्सी जैसी चीजों की कीमत बढ़ जाएगी। इससे बांग्लादेश और वियतनाम को फायदा मिलेगा। कई कंपनियों की इनकम का बड़ा हिस्सा अमेरिका से आता है।
4. गहनों और आभूषणों की बिक्री पर असर
हाई टैरिफ से गहनों की मांग घट सकती है। यह उद्योग कई राज्यों में रोजगार भी देता है, जैसे गुजरात और महाराष्ट्र।
5. रोजगार और विकास पर दबाव
अगर यह टैक्स लंबे समय तक रहे तो भारतीय उद्योगों को बाजार हिस्सेदारी खोने का खतरा है। इससे रोजगार और घरेलू खपत पर असर पड़ सकता है।
6. विदेशी निवेश प्रभावित
भारत ने निवेश आकर्षित करने के लिए कम टैक्स का फायदा दिखाया था। अब हाई टैरिफ विदेशी निवेश और तकनीकी साझेदारी को रोक सकता है।
7. चालू खाता घाटा बढ़ सकता है
वर्तमान में भारत का CAD 0.6% है। लेकिन अगर अमेरिका का यह कदम लंबे समय तक चले तो CAD बढ़कर 1.5% तक जा सकता है और भुगतान संतुलन पर दबाव बढ़ सकता है।
8. विदेशी मुद्रा भंडार की स्थिति
भारत के पास 638 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है। यह एक सुरक्षा कवच देता है, लेकिन पूरी सुरक्षा नहीं क्योंकि मुद्रा बाजार पर बाहरी निवेश पर निर्भरता बनी हुई है।
9. सेवा क्षेत्र पर नजर रखनी होगी
भारत का IT और बिजनेस सेवा निर्यात अमेरिका को माल की तुलना में तीन गुना ज्यादा है। फिलहाल ये क्षेत्र सुरक्षित हैं, लेकिन अगर अमेरिका सेवाओं पर कदम उठाए तो भारतीय विकास मॉडल पर बड़ा असर होगा।
10. वैश्विक व्यापार और निवेश पर असर
इस टैरिफ से सिर्फ निर्यात नहीं बल्कि विदेशी निवेश और रोजगार पर भी असर पड़ेगा। अमेरिका के साथ कोई व्यापार समझौता न होने पर भारत वैश्विक आपूर्ति क्रम में पीछे रह सकता है।
एक्सपर्ट जस्टिन खू, के अनुसार अमेरिकी टैरिफ से इन सेक्टर्स पर पड़ेगा असर
27 अगस्त को अमेरिका ने कई भारतीय प्रोडक्ट्स पर टैरिफ 50% तक बढ़ा दिया। यह कदम रूस से तेल खरीद को लेकर तनाव और लंबी बातचीत में विफलता के बाद आया।
किसे हुआ असर
सबसे ज्यादा असर टेक्सटाइल, गहनों, जूते, फर्नीचर और केमिकल्स पर पड़ा।
दूसरी ओर, दवाइयां और इलेक्ट्रॉनिक्स (सेमीकंडक्टर से जुड़े) अब भी अधिकतर छूट में हैं।
इस्पात, एल्यूमिनियम, तांबा और पैसेंजर कारें पुराने नियम के तहत ही रहेंगी।
शेयर बाजार और रुपया प्रभावित
इस घोषणा के बाद भारतीय शेयर बाजार में गिरावट आई और रुपया कमजोर हुआ। विदेशी निवेशकों ने बिक्री की, हालांकि घरेलू निवेशकों ने नुकसान को थोड़ा कम किया।
रिटेल कीमतों पर असर कम
50% टैक्स का मतलब सीधे दुकानों पर कीमत बढ़ना नहीं है। अक्सर आयातक और निर्यातक इसका हिस्सा खुद उठाते हैं। इससे आम सामान महंगा नहीं होता, लेकिन निर्यातकों के मुनाफे पर दबाव पड़ता है।
निकट भविष्य की स्थिति
आगे कुछ समय तक रुपया कमजोर रह सकता है और शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव रहेगा। विदेशी निवेशक सावधानी से ही पैसा लगाएंगे।
लंबी अवधि की तैयारी
समय के साथ कंपनियां अपनी सप्लाई चेन को दूसरे बाजारों की ओर मोड़ सकती हैं। भारत सरकार भी नीति समर्थन और नए व्यापार वार्ता के जरिए स्थिति सुधारने की कोशिश कर सकती है।
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