नई दिल्ली। देश के विदेशी मुद्रा भंडार में 20 मार्च 2020 को समाप्त सप्ताह में 11.98 अरब डॉलर की भारी गिरावट दर्ज की गई है। आरबीआई द्वारा रुपये को मजबूती देने के लिए डॉलर की बिक्री की वजह से विदेशी मुद्रा भंडार में ये कमी दर्ज की गई है। उल्लेखनीय है कि कोरोनावायरस से जुड़ी अनिश्चितताओं के कारण हाल में रुपये के मूल्य में भारी कमी देखने को मिली थी। इन्हीं अनिश्चितताओं के बीच विदेशी निवेशकों ने इक्विटी एवं डेट मार्केट से लगातार बिकवाली की और इससे मिले रुपये की जमकर डॉलर में बदला। इसी वजह से रुपया 23 मार्च को लुढ़ककर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 76.15 के स्तर तक पहुंच गया।
इतना बचा विदेशी मुद्रा भंडार
पिछले सप्ताह, देश का विदेशी मुद्रा भंडार 5.346 अरब डॉलर लुढ़ककर 481.89 अरब डॉलर रह गया। पिछले छह माह में पहली बार विदेशी मुद्रा भंडार में कमी देखने को मिली थी। छह मार्च वाले हफ्ते में फॉरेक्स रिजर्व 5.69 अरब डॉलर की बढ़त के साथ 487.23 अरब डॉलर के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था। आरबीआइ के आंकड़े के मुताबिक 20 मार्च को फॉरेन करेंसी एसेट्स 10.256 अरब डॉलर की कमी के साथ 437.102 अरब डॉलर रह गया। फॉरेक्स रिजर्व में एफसीए की हिस्सेदारी अच्छी-खासी होती है।
गोल्ड रिजर्व भी घटा
आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक गोल्ड रिजर्व 1.610 डॉलर कम होकर आलोच्य अवधि में 27.856 अरब डॉलर पर आ गया। इससे पहले गोल्ड रिजर्व में लगातार बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही थी। वहीं दूसरी तरह अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से निकाली सीम 4 करोड़ डॉलर घटकर 1.409 अरब डॉलर रह गई। आईएमएफ में भारत का रिजर्व 7.7 करोड़ डॉलर घटकर 3.542 अरब डॉलर हो गया।
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