Tata Communications Share: कारोबारी सत्र के तीसरे दिन बुधवार को शेयर मार्केट में हरियाली है। खबर लिखते समय, बाजार के दोनों बेचमार्क हरे निशान पर ट्रेड कर रहे हैं। सीएनबीसी टीवी18 के मुताबिक, मैकवाईरिज ने बताया टाटा कम्यूनिकेशन के शेयर तीन साल में डबल होने की उम्मीद है, जिसके बाद कंपनी के शेयरों में तेजी देखने को मिल रही है। कंपनी डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को बढ़ावा दे रही है, दुनिया की सबसे बड़ी पाइपलाइन नेटवर्क बढ़ा रही है।

Advertisement

टाटा कम्यूनिकेशन के शेयरों ने मार्केट में पॉजिटिव शुरुआत की है। आज कंपनी के शेयर 2% की तेजी के साथ 1763 रुपए प्रति शेयर कारोबार कर रहा है। वहीं, पिछले कारोबारी सेशन पर नजर डालें तो कंपनी का शेयर 1728 रुपए के साथ हरे निशान पर क्लोज हुआ था।

Advertisement

कंपनी ने इन्वेस्टर्स को बीते 1 महीने मे 6% का रिटर्न दिया है। कंपनी के शेयर्स ने 52 वीक हाई अपना 2175 रुपए अक्टूबर 2024 में टच किया था और कंपनी के शेयर्स ने 52 वीक लो 1293 रुपए मार्च 2025 में टच किया था। कंपनी की मार्केट कैप 22,283.51 करोड़ रुपए है।

टाटा कम्यूनिकेशन (TCOM) ने अब अपने डाटा रेवेन्यू को दोगुना करने का टारगेट FY28 तक बढ़ा दिया है, जो पहले FY27 तक था। इसका मतलब है कि कंपनी को अब अगले तीन सालों में करीब 13% की सालाना ग्रोथ (CAGR) की जरूरत है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह टारगेट पहले से ज्यादा हकीकत के करीब है, लेकिन अभी भी थोड़ा ज्यादा उम्मीद भरा है। हमारा अनुमान FY28 तक 250 अरब रुपए रेवेन्यू या 8.5% CAGR का है।

Advertisement

डिजिटल बिजनेस बढ़ाने पर फोकस

TCOM का अगला बड़ा फोकस है अपने डिजिटल बिजनेस को मजबूत करना। कंपनी चाहती है कि इसके डिजिटल पोर्टफोलियो की हिस्सेदारी मौजूदा 47% से बढ़कर 65% हो जाए। इसके लिए डिजिटल रेवेन्यू में 26% की सालाना ग्रोथ की जरूरत होगी, जबकि हमारी रिपोर्ट में यह ग्रोथ 12% CAGR मानी गई है, जिससे FY28 तक हिस्सेदारी 52% तक पहुंच सकती है।

Advertisement

मुनाफा बढ़ाने का टारगेट, लेकिन मुश्किल रास्ता

TCOM ने फिर से यह दोहराया है कि वह 23-25% EBITDA मार्जिन और 25% से ज्यादा RoCE हासिल करना चाहती है। इसके लिए कंपनी का प्लान है कि डिजिटल सेगमेंट से आने वाला नुकसान ₹9 अरब घटाकर इसे ₹15 अरब EBITDA लाभ में बदला जाए। हालांकि, इस टारगेट को पाना मुश्किल लग रहा है क्योंकि डिजिटल सेगमेंट में अभी भी कम मार्जिन और बड़ी मात्रा में रिसेल बिजनेस शामिल है, जो मुनाफे को सीमित करता है।

Advertisement

(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है. गुडरिटर्न्स की ओर से निवेश की सलाह नहीं है. यह ब्रोकरेज की ओर से सलाह दी गई है. शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है. किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से जरूर परामर्श करें.)