नई दिल्ली, नवंबर 23। दिल्ली में दस साल से अधिक पुरानी डीजल कारों के मालिकों को अपनी गाड़ी को स्क्रैप में समाप्त होने को लेकर टेंशन लेने की आवश्यकता नहीं है। दरअसल राज्य में हाल ही में पेश किए गए कानून के अनुसार, सार्वजनिक सड़कों पर 10 साल से अधिक पुराने किसी भी डीजल वाहन को चलने की अनुमति नहीं है और इस तरह गाड़ी स्क्रैप यार्ड में ही जाएगी। मगर एक नया आइडिया से 10 साल से पुरानी डीजल इंजन कारों को अब दिल्ली एनसीआर की सड़कों पर चलने की अनुमति दी जा सकती है, बशर्ते उनमें ईवी पावरट्रेन फिट किया गया हो। जी हां ईवी पावरट्रेन लगवा कर वे कार का इस्तेमाल जारी रख सकेंगे।
ध्यान रहे कि हर किट निर्माता आपकी कार में ईवी बैटरी और अन्य चीजें इंस्टॉल नहीं कर सकता है। दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत के अनुसार, राज्य सरकार केवल प्रमाणित ईवी किट निर्माताओं को ही लिस्ट करेगी। दिल्ली में प्रदूषण के स्तर में आश्चर्यजनक वृद्धि के मद्देनजर पुरानी डीजल कारों के लिए एक नये वरदान की तरह है।
यह कदम न केवल कार मालिकों को अपनी संपत्ति यानी कार को बचाने की सुविधा देगा, बल्कि यह ईवी ईकोसिस्टम का भी विस्तार करेगा। बता दें कि आफ्टरमार्केट रेट्रोफिटिंग कंपनियां ईवी बाजार में हिस्सेदारी पाने के लिए आगे बढ़ रही है। सरकार की तरफ से लिस्ट किए गए किट निर्माताओं का चयन 'परीक्षण एजेंसियों' द्वारा किया जाएगा।
इसके अलावा ध्यान रहे कि ये सिस्टम ऐसा कि एक साइज सभी में फिट नहीं बैठेगा। क्योंकि प्रत्येक इंडिविजुअल कार मॉडल को अपना खुद का ईवी किट सर्टिफिकेशन प्राप्त करना होगा। इस तरह का कदम पहला नहीं है। दरअसल शून्य या कम उत्सर्जन वाले पावरट्रेन वाले लगभग अप्रचलित वाहनों को वापस लेने का कदम भारत के लिए नया नहीं है। 1998 में, सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले में कहा गया था कि दिल्ली की प्रदूषणकारी डीजल राज्य परिवहन बसों को या तो सड़क से हटा दिया जाएगा या सीएनजी किट के साथ फिर से लगाया जाएगा।
सबसे पहले डीजल कार या एसयूवी से इसके सभी आईसीई घटकों (इंजन, ईंधन टैंक, निकास, ड्राइवट्रेन) को हटा दिया जाएगा। एक बार जब कार के बोनट के नीचे से सभी सामान हटा दिया जाएगा तो वहां केवल चेसिस, लोअर आर्म आदि रह जाएंगे। इसके बाद एक इलेक्ट्रिक मोटर (डीसी, ज्यादातर) और एक बैटरी पैक को इंस्टॉल किया जाएगा।
इलेक्ट्रिक पर स्विच करने का ईवी किट एक काफी लागत कम करने वाला तरीका है। खास कर तब जब आपके पास एकमात्र विकल्प हो। ईवी रेट्रोफिटिंग ईवी इन्फ्रास्ट्रक्चर के तेजी से विकास के लिए बहुत अच्छा है क्योंकि इससे टेक्नोलॉजी को अधिक बड़े स्तर पर अपनाया जा सकता है। इस पहल को शुरू करने से पहले दिल्ली सरकार ने इसी फैक्टर को ध्यान में रखा है। ईवी पावरट्रेन के साथ रेट्रोफिटेड डीजल के अलावा, ईवी पावरट्रेन की विशेषता वाले एलसीवी (हल्के वाणिज्यिक वाहन) को भी नो-एंट्री घंटों के दौरान सार्वजनिक सड़कों पर चलने और पार्क करने की अनुमति होगी।
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