नई द‍िल्‍ली: दुनियाभर में महामारी का रूप ले चुके कोरोनावायरस का प्रकोप और खौफ दोनों तेजी से बढ़ता जा रहा है। कोरोनो वायरस के चलते लोगों में खौफ बढ़ता जा रहा है। कोरोना वायरस से दहशत की एक बड़ी वजह इसकी दवा का न मिलना है। इससे बचने के लिए अलग अलग उपाय ढूंढे जा रहे हैं। भारत में इसके मरीजों की संख्या 114 हो चुकी है। दुनिया के 137 से भी ज्यादा देश कोरोना वायरस (COVID-19) से जंग लड़ रहे हैं। दुनियाभर में वायरस के कारण 6500 से भी ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। वहीं संक्रमित लोगों की संख्या एक लाख 73 हजार का आंकड़ा पार कर चुकी है। ICICI Bank : लांच किया डिजिटल प्लेटफॉर्म Stack, जानें फायदे ये भी पढ़ें

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500 रुपये क‍िलो ब‍िक रहा गोबर

वहीं सरकार ने भी इस वायरस को रोकने के लिए कई तरह के प्रयास शुरू कर दिए हैं। इस बीच कोरोना वायरस का 'इलाज' चर्चा का विषय बना हुआ है। डर के इस माहौल में अफवाहों ने भी अपनी जगह बना ली है। दरअसल दावा किया जा रहा है कि गोमूत्र पीने से कोरोना पर रोक लगाई जा सकती है। जी हां खबर के मुताबिक, भारत में कोरोना के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता को विकसित करने के लिए गोमूत्र 500 रुपये लीटर और गाय का गोबर 500 रुपये किलो बिक रहा है।

बढ़ी गोमूत्र और गोबर की डिमांड

वहीं एक दूध विक्रेता का कहना है कि पश्चिम बंगाल की राजधानी से 20 किमी दूर सड़क के किनारे उसने अपनी एक दुकान लगाई है जहां वो गोमूत्र और गोबर बेचता है। दूध विक्रेता का कहना है कि दूध की तुलना में गोबर और गोमूत्र बेचकर वह अधिक पैसे कमा रहा है। वह गोमूत्र 500 रुपये लीटर और 500 रुपये किलो गोबर बेच रहा है जिसमें उसको काफी फायदा भी हुआ। बता दें कि उसकी दुकान राष्ट्रीय राजमार्ग 19 पर स्थित है। ये रोड दिल्ली और कोलकाता को जोड़ती है। उन्होंने अपनी दुकान की मेज पर गाय के गोबर और गोमूत्र के जार पैक करके रखे हैं।

पोस्‍टर पर भी ल‍िखा : गोमूत्र पि‍यें और कोरोना वायरस से बचें

इतना ही नहीं एस व‍िक्रेता ने मेज पर एक पोस्टर भी चिपकाया है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि गोमूत्र पि‍यें और कोरोना वायरस से बचें। इस बात का दावा भी किया है कि उन्हें दिल्ली में हिंदू महासभा द्वारा आयोजित एक गोमूत्र पार्टी से ये विचार मिला। इस दौरान उसने इस बात की भी जानकारी दी कि मेरे पास दो गायें हैं। एक भारतीय गाय और दूसरी जर्सी। उनके दूध को बेचकर जीवनयापन क‍िया करते है। जब उन्‍होंने टीवी पर गोमूत्र पार्टी देखी, तब उन्‍हें महसूस हुआ कि गोमूत्र और गोबर बेचकर अधिक लाभ कमा सकता हूं। हालांकि, स्टाल में एक लीटर गोमूत्र और जर्सी गायों के एक किलो गोबर सस्ती दर पर उपलब्ध हैं। इस पर उनका कहना है कि एक जर्सी गाय भारतीय गाय की तरह शुद्ध नस्ल नहीं है इसलिए, इसके गोमूत्र भी ज्यादा मांग नहीं है। अली के मुताबिक शुरुआती प्रतिक्रिया 'अच्छी' रही है। इस व्यापार को जारी रखने की कोशिश भी करेंगे।