Delhi Pollution Update; GRAP-3 Revoke: दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की स्थिति में कुछ सुधार के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के चरण-3 के तहत लगाए गए सभी प्रतिबंधों को हटा दिया है। हालांकि, GRAP के चरण-1 और चरण-2 के नियम पूरे एनसीआर में लागू रहेंगे, ताकि वायु गुणवत्ता फिर से खराब न हो।
CAQM के अनुसार, दिल्ली का 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) बुधवार को 327 दर्ज किया गया। पिछले तीन दिनों से हवा की गुणवत्ता में लगातार सुधार देखा जा रहा है। इसी कारण से 11 नवंबर को लागू किए गए चरण-3 के प्रतिबंधों को वापस लेने का निर्णय लिया गया।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने एक्स (पहले ट्विटर) पर घोषणा की कि अब राजधानी में GRAP-2 के नियम लागू होंगे। उन्होंने बताया कि दफ्तरों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों वाली व्यवस्था और स्कूलों में चल रहा 'हाइब्रिड मोड' समाप्त कर दिया गया है। अब सभी कामकाज GRAP-2 के दिशा-निर्देशों के अनुसार संचालित होंगे।
GRAP-3 में किन-किन चीजों पर रहती हैं पाबंदियां?
- ग्रैप-3 चरण के तहत कई महत्वपूर्ण प्रतिबंध लगाए जाते हैं। इन नियमों के लागू होने पर, बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल वाहनों का परिचालन प्रतिबंधित हो जाता है, जिससे सड़कों पर उनके उपयोग पर पूरी तरह रोक लग जाती है।
- इसके अतिरिक्त, निर्माण गतिविधियों पर भी व्यापक प्रतिबंध लागू होते हैं। बिल्डर परियोजनाओं, सड़क निर्माण, और अन्य विकास कार्यों पर पूरी तरह से रोक लगा दी जाती है।
- केवल कुछ आवश्यक परियोजनाओं, जैसे हवाई अड्डे, अस्पताल, एलिवेटेड रोड और एसटीपी प्लांट, को ही निर्माण कार्य जारी रखने की अनुमति होती है। इन अपवादों के अतिरिक्त, सभी निर्माण स्थल बंद कर दिए जाते हैं।
- वायु गुणवत्ता सुधार के लिए अन्य उपाय भी किए जाते हैं। सड़कों की नियमित सफाई की जाती है, और धूल को नियंत्रित करने के लिए पानी का छिड़काव होता है। निर्माण और विध्वंस गतिविधियों से उत्पन्न धूल और मलबे का उचित निपटान सुनिश्चित किया जाता है, जिससे पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव कम हो सके।
कौन-कौनसी पाबंदियां हटीं, कौन-कौनसी रहेंगी बरकरार
GRAP के चरण-3 के प्रतिबंधों में गैर-आवश्यक निर्माण कार्य, तोड़फोड़ और खनन गतिविधियों पर रोक शामिल थी। इसके अलावा, दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर में बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल वाले चारपहिया वाहनों पर भी प्रतिबंध लगाया गया था। ये सभी प्रतिबंध अब हटा दिए गए हैं।
वर्तमान में, GRAP-2 के तहत लागू प्रतिबंधों का कड़ाई से पालन किया जाएगा। CAQM ने कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने के कारण सील की गई निर्माण और विध्वंस स्थलों को आयोग की विशेष अनुमति के बिना काम शुरू करने की अनुमति नहीं मिलेगी।
आयोग ने संबंधित एजेंसियों को GRAP के चरण-1 और चरण-2 के तहत सख्त निगरानी रखने और कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं। सर्दियों के दौरान, दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता को चार श्रेणियों में बांटा जाता है: चरण-1 (खराब, AQI 201-300), चरण-2 (बहुत खराब, AQI 301-400), चरण-3 (गंभीर, AQI 401-450) और चरण-4 (अत्यंत गंभीर, AQI 450 से ऊपर)।
More Articles
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित
- ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान
- चेन्नई रेल अपडेट: आज रात कई ट्रेनें रद्द, सफर से पहले चेक करें अपना रूट और टाइमिंग