नई दिल्ली, सितंबर 07। क्रिप्टोकरेंसी में निवेश को लेकर निवेशको में तेजी थोड़ी कम हो गई है। ऐसा इसलिए क्योंकि सरकार ने क्रिप्टो में ट्रेड करने को बहुत अधिक प्रोत्साहित नहीं किया है। क्रिप्टो में निवेश को रोकने के लिए सरकार ने क्रिप्टोकरेंसी पर टैक्स लगाया है। यदि कोई निवेशक क्रिप्टो में निवेश से पूंजीगत लाभ अर्जित करता है, उसे टैक्स भरना होता है।

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कमाई पर 30 प्रतिशत है टैक्स

एक फ्लैट आयकर की दर खुदरा निवेशकों, व्यापारियों या वित्तीय वर्ष में क्रिप्टो परिसंपत्तियों को स्थानांतरित करने वाले किसी भी व्यक्ति पर लागू होती है। फ्लैट टैक्स में अल्पकालिक और दीर्घकालिक लाभ के बीच कोई अंतर नहीं होता है। क्रिप्टोकरेंसी से होने वाले लाभ पर सरकार 30 प्रतिशता का फ्लैट टैक्स वसूलती है।

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भारत में कौन से बैंक क्रिप्टोकरेंसी का समर्थन करते हैं

फिलहाल, भारत में ऐसा कोई बैंक नहीं है जो भारत में खुले तौर पर क्रिप्टोकरेंसी से संबंधित सेवाओं या किसी अन्य रूप का समर्थन करता हो। वास्तविक समस्या यह है कि क्रिप्टो को समर्थन करने के लिए सरकार या किसी भी प्रकार के सरकारी प्राधिकरण से कोई समर्थन नहीं है। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने हाल ही में क्रिप्टोकरेंसी को एक 'स्पष्ट खतरा' करार दिया था। उन्होंने कहा कि जो क्रिप्टो की कोई दिशा नहीं है, इसलिए लोगों को इसमे निवेश करने से बचना चाहिए।

 
क्रिप्टोकरेंसी का नहीं हो पा रहा समर्थन

अधिकारियों के किसी भी प्रकार के समर्थन के बिना, बैंकों को क्रिप्टोकरेंसी का समर्थन करते हुए देखना मुश्किल है। हमने देखा है कि क्रिप्टो के लिए चुनौतियां बहुत अधिक हैं। फिलहाल भारत में क्रिप्टो के निवेश में भारी कमी आई है। जिसके कारण क्रिप्टोकरेंसी के किमतो में भारी गिरावट हो रहा है। हमारा अपना विश्वास है कि कुछ साल पहले प्रचार के बाद क्रिप्टोकुरेंसी में रुचि स्पष्ट रूप से घट रही है। विश्व की सरकारें भी अभी इसके समर्थन में नहीं हैं।