Crude Oil Price: कच्चे तेल की कीमतों में आज 16 जून को भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. WTI क्रूड ऑयल और ब्रेंट क्रूड दोनों के भाव में इजाफा हुआ है. इसकी वजह ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव समेत अमेरिकी ट्रेड पॉलिसी है. ऐसे में क्रूड हो रही बढ़ोत्तरी का असर बाजार के चुनिंदा सेक्टर पर भी देखने को मिल सकता है. इसमें पेंट और टायर बनाने वाली कंपनियों के शेयर शामिल हैं. दरअसल, ये दोनों ही इंडस्ट्री कच्चे माल पर निर्भर करते हैं और इनके उत्पादन में कच्चे तेल का इस्तेमाल होता है.
पेंट और टायर इंडस्ट्री पर असर
कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से इन इंडस्ट्री के लिए कच्चे माल की लागत बढ़ जाती है, जिससे टायर और पेंट बनाने वाली कंपनियों की उत्पादन लागत में इजाफा होता है. मिडिल ईस्ट में इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में लगातार इजाफा हो रही है, जिसका असर सोमवार यानी 16 जून को पेंट और टायर कंपनियों के शेयरों पर देखने को मिल सकता है.
मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव
इजरायल और ईरान के बीच तनाव पिछले वीकेंड में और बढ़ गया. जब दोनों देशों ने एक-दूसरे पर जवाबी हमले किए. ईरान ने युद्धविराम के प्रस्ताव को भी ठुकरा दिया, जिससे यह संघर्ष चौथे दिन में आ गया. ब्रेंट क्रूड 5.5 फीसदी तक बढ़ गया था, लेकिन बाद में यह 75 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गया. जबकि डब्ल्यूटीआई 74 डॉलर के करीब था. यह संघर्ष तब और बढ़ गया जब इजरायल ने ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड को निशाना बनाया, जिससे एक बड़े उत्पादन प्लेटफॉर्म पर काम बाधित हो गया. इससे पहले, ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों पर भी हमले हुए थे.
सप्लाई रुकने की टेंशन
ईरान की गैस संरचना को नुकसान चिंताजनक है, लेकिन वैश्विक तेल बाजारों के लिए सबसे बड़ा खतरा होर्मुज जलडमरूमध्य में संभावित व्यवधान है. यह एक महत्वपूर्ण मार्ग है जिससे दुनिया की लगभग 20 फीसदी तेल आपूर्ति प्रतिदिन गुजरती है. यदि ईरान इस मार्ग को बाधित करने की कोशिश करता है, तो कीमतें काफी बढ़ सकती हैं.
कच्चे तेल की कीमतों का सबसे अधिक असर सजावटी पेंट के कारोबार पर पड़ता है, क्योंकि यह एक कच्चा माल-गहन उद्योग है. पेंट के निर्माण में 300 से अधिक वस्तुओं की आवश्यकता होती है, जिनमें से अधिकांश पेट्रोलियम-आधारित होती हैं. कच्चे माल की लागत कुल लागत का 55-60 प्रतिशत होती है और यह सीधे सकल मार्जिन को प्रभावित करती है.
टायर बनाने में होता है इस्तेमाल
ब्रेंट क्रूड सिंथेटिक रबर और अन्य पेट्रोकेमिकल उत्पादों का भी एक प्रमुख स्रोत है, जिनका उपयोग टायर निर्माण में किया जाता है. कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से इन कच्चे माल की लागत बढ़ जाती है, जिससे टायर कंपनियों की उत्पादन लागत में इजाफा होता है. कच्चे माल की लागत कम होने पर, टायर निर्माता बेहतर प्रॉफिट मार्जिन का फायदा ले सकते हैं.
कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से टाइटेनियम डाइऑक्साइड जैसे उत्पादों के प्रोडक्शन की लागत भी बढ़ जाती है, जो सफेद पेंट के लिए एक महत्वपूर्ण घटक है. कच्चे तेल की कीमतों में इजाफे से पेंट मैन्युफैक्चरर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, क्योंकि इससे उनकी इनपुट लागत बढ़ जाएगी और उन्हें अधिक मार्जिन उत्पन्न करने की कम गुंजाइश मिलेगी.
पिछले एक साल में एशियन पेंट्स के शेयर लगभग 24 फीसदी गिर गए हैं. बर्जर पेंट्स ने थोड़ा बेहतर प्रदर्शन किया है और इसी अवधि के दौरान 13 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, जबकि कंसाई नेरोलैक के शेयर इसी अवधि में 13 फीसदी गिर गए हैं. वहीं, फ्रंटलाइन इंडेक्स निफ्टी 50 इसी अवधि के दौरान 5 फीसदी बढ़ा है.
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है. गुडरिटर्न्स की ओर से निवेश की सलाह नहीं है. शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है. किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से जरूर परामर्श करें.)
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