सोमवार, 3 अगस्त को भारतीय शेयर बाजार में मिला-जुला रुख देखने को मिल सकता है। कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट का असर आज बाजार की ओपनिंग पर साफ दिखेगा। शुक्रवार को अमेरिकी बाजार (Wall Street) बढ़त के साथ बंद हुए थे, जिससे ग्लोबल मार्केट में रिस्क लेने की क्षमता स्थिर बनी हुई है। आज ट्रेडर्स की नजर Nifty और Bank Nifty के स्तरों के साथ-साथ FII/DII के आंकड़ों पर रहेगी। हमारा उद्देश्य आपको बाजार के ट्रेंड्स और सेक्टर्स की सटीक जानकारी देना है, न कि निवेश की कोई टिप।

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कच्चे तेल की कीमतों में हालिया बदलाव सप्लाई के सामान्य होने और भू-राजनीतिक तनाव में कमी का नतीजा है। पिछले हफ्ते अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने से तेल की कीमतों में 5% की भारी गिरावट आई। ओपेक प्लस (OPEC+) की ओर से सप्लाई बढ़ाने के संकेतों ने भी कीमतों पर दबाव बनाया है। इस माहौल में OMCs (तेल कंपनियां), एविएशन, पेंट्स, टायर और चुनिंदा केमिकल कंपनियों में तेजी दिख सकती है, जबकि तेल उत्पादन (Upstream) से जुड़ी कंपनियों पर दबाव रह सकता है।

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कच्चे तेल में गिरावट: OMCs, एयरलाइंस और पेंट कंपनियों पर रहेगी नजर

ब्रेंट क्रूड के दाम घटने से आमतौर पर तेल कंपनियों के मार्केटिंग मार्जिन में सुधार होता है और पेंट, टायर व केमिकल कंपनियों की इनपुट कॉस्ट कम होती है। आज उन शेयरों पर नजर रखें जिनमें शुरुआती कारोबार में अच्छी वॉल्यूम और मोमेंटम दिख रहा हो। ट्रेड की पुष्टि के लिए पिछले दिन के हाई (High) या VWAP का इस्तेमाल करें। साथ ही सेक्टर की स्थिति समझने के लिए Nifty Oil and Gas और Nifty FMCG जैसे इंडेक्स को ट्रैक करें।

सेक्टरओपनिंग पर रुझानमुख्य कारणक्या ट्रैक करें
OMCs (IOC, BPCL, HPCL)पॉजिटिवफ्यूल मार्जिन में राहतGRM और रिटेल कीमतों का अंतर
एविएशन (InterGlobe)पॉजिटिवATF की कीमतों में कमीकिराये का ट्रेंड और लोड फैक्टर
पेंट्स (Asian, Berger)पॉजिटिवकच्चे तेल से जुड़ी इनपुट कॉस्टग्रॉस मार्जिन पर कंपनी की कमेंट्री
टायर (MRF, Apollo)पॉजिटिवपेट्रोकेमिकल इनपुट में राहतरिप्लेसमेंट डिमांड
केमिकल्स (SRF, Aarti)चुनिंदा शेयरों में तेजीफीडस्टॉक की कम लागतएक्सपोर्ट ऑर्डर्स
अपस्ट्रीम (ONGC, Oil India)नरमरियलाइज्ड कीमतेंगैस की कीमतों पर अपडेट

ट्रेड सेटअप, रिस्क कंट्रोल और रुपये को मिल सकता है सहारा

अपनी ट्रेडिंग रणनीति को मौजूदा ट्रेंड के हिसाब से रखें। बढ़ते हुए VWAP पर पुलबैक (Pullback) मिलने पर ही एंट्री लें और स्टॉप-लॉस का सख्ती से पालन करें। हाई-बीटा शेयरों के लिए मजबूत ऑर्डर बुक और अच्छी लिक्विडिटी वाले लार्जकैप और मिडकैप शेयरों को प्राथमिकता दें। तेल की कीमतें घटने से भारतीय रुपये (INR) को मजबूती मिल सकती है, क्योंकि इससे देश का आयात बिल कम होगा। इसके लिए USD/INR और 10-साल की बॉन्ड यील्ड पर नजर रखें।

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इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए ब्रेंट क्रूड के यूरोपीय सत्र, अमेरिकी फ्यूचर्स और क्लोजिंग के समय FII/DII के आंकड़ों पर नजर रखना जरूरी है। अगर कच्चा तेल फिर से अपने रेजिस्टेंस लेवल के ऊपर जाता है, तो डिफेंसिव शेयरों से दूरी बनाएं और OMCs की मजबूती को दोबारा परखें। शुक्रवार को अमेरिकी बाजार मजबूती के साथ बंद हुए थे, लेकिन आज कंपनियों के नतीजों और मैक्रो डेटा पर नजर रखें। अगर कच्चे तेल में रिकवरी आती है, तो अपना सेटअप तुरंत अपडेट करें।

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यह विश्लेषण निवेशकों को Sensex, Nifty और सेक्टर की हलचल समझने में मदद करने के लिए तैयार किया गया है। इसे केवल जानकारी के तौर पर लें, निवेश की सलाह न मानें। कोई भी फैसला लेने से पहले SEBI रजिस्टर्ड एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। अगले सत्र में ब्रेंट क्रूड की चाल, RBI की कमेंट्री और OPEC+ से जुड़ी खबरों पर ध्यान दें, क्योंकि ये बाजार का रुख बदल सकते हैं।