नयी दिल्ली। अगस्त में बैंक क्रेडिट में भारी गिरावट आई। भारत में 28 अगस्त तक बैंक क्रेडिट 54000 करोड़ रु की गिरावट के साथ 102.11 लाख करोड़ रु रह गया, जो 31 जुलाई तक 102.65 लाख करोड़ रु पर था। भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़ों के अनुसार 28 अगस्त 2020 को समाप्त पखवाड़े (2 हफ्ते) के लिए साल दर साल आधार पर बैंक क्रेडिट में ग्रोथ 5.5 प्रतिशत थी। वहीं इससे पिछले पखवाड़े (14 अगस्त 2020) में भी इतनी ही ग्रोथ देखी गई थी। पिछले वर्ष की इसी अवधि में क्रेडिट ग्रोथ दोहरे अंक (10.2 प्रतिशत - 30 अगस्त, 2019) में थी। रेटिंग एजेंसी केयर रेटिंग ने एक बयान में कहा कि ये मंदी बैंकिंग सिस्टम में कमजोर मांग और जोखिम से बचने को दर्शाती है।

Advertisement

एमएसएमई को दिया गया ज्यादा लोन
अगस्त 2020 में कोरोना महामारी को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन में और ढील दी गई और बैंकों ने सरकारी गारंटी वाली क्रेडिट योजना के तहत सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को ज्यादा लोन बांटा फिर भी क्रेडिट ग्रोथ कमजोर रही। केयर के मुताबिक कमर्शियल बैंक बहुत सोच समझ कर लोन दे रहे हैं। असल में उन्हें अपनी एसेट क्वालिटी का ध्यान रखना है। इसलिए फिलहाल क्रेडिट ग्रोथ के नरम ही रहने की संभावना है। कोरोना महामारी के कारण अप्रैल-जून 2020 में भारत की जीडीपी में 23.9 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है।

Advertisement

15000 करोड़ रु से ज्यादा डिपॉजिट
अगस्त में बैंकों के पास 15000 करोड़ रु से ज्यादा का डिपॉजिट आया। 28 अगस्त के पखवाड़े में 96,255 करोड़ रु आए, जबकि 14 अगस्त के पखवाड़े में 80.849 करोड़ रु निकाले गए थे। बैंकों के पास बकाया डिपॉजिट 141.76 लाख करोड़ रु है, जो जुलाई तक 141.61 लाख करोड़ रु थे। साल-दर-साल आधार पर डिपॉजिट में 10.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जो पिछले पखवाड़े में 11 प्रतिशत से कम थी। पिछले साल की समान अवधि में डिपॉजिट ग्रोथ इतनी ही रही थी। डिपॉजिट बढ़त और लोन एक्सपेंशन की गति में लगातार बढ़ते अंतर की वजह से सी \ डी अनुपात (क्रेडिट टू डिपॉजिट अनुपात) गिर रहा है। आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक 28 अगस्त, 2020 को सी \ डी अनुपात 72.03 प्रतिशत था, जो जून 2020 की शुरुआत में 73.48 प्रतिशत था।

Advertisement