नई दिल्ली: कोरोना वायरस पूरी दुनिया में फैल रहा है। देश में कोरोनावायरस संक्रमितों की संख्या 171 हो गई है। वहीं इससे भारत में अब तक 3 मौतें हो चुकी हैं। लोग इस खतरनाक वायरस से बचने के लिए मास्क और सेनिटाइजर का इस्तेमाल कर रहे हैं। बाजारों में बिक्री कम होने की वजह से व्यापारी बेहद परेशान हैं। वहीं कोरोना ने देश की ऑटो इंडस्ट्री को भी अपने चपेट में ले लिया है। इतना ही नहीं इस खतरनाक वायरस के डर से लोगों ने घरों से निकलना बंद कर दिया है, भारत में भी वर्क फ्रॉम होम को लागू कर दिया गया है। लेकिन अब भी तमाम लोगों को ऑफिस के और दूसरे कामों से बाहर निकलना पड़ता है या ट्रैवेल करना पड़ता है।
आर्थिक मंदी की मार से जूझ रहे देश पर अब कोरोना की मार पड़ गई है। जिस कारण कारोबार की कमर टूट गई है। जिसका नतीजा यह हुआ कि ओला और उबर कैब सर्विस की कमाई दो सप्ताह में 50 प्रतिशत तक गिर गई है। दरअसल कोरोना के खतरे को देखते हुए कई राज्यों में स्कूल-कॉलेज से लेकर सिनेमा हॉल सब बंद है। ऐसे में जब लोग घर से बाहर ही नहीं निकलेंगे तो इसका नुकसान कैब सर्विस को तो होगा ही। इतना ही नहीं जो ड्राइवर ओला और उबर से कंपनियों से लीज पर लेकर कार चला रहे हैं, उन्हें उलटा अपनी जेब से पैसे जमा कराने पड़ रहे हैं। अब वह डिजिटल पेमेंट लेने के बजाय कैश में भुगतान करने पर जोर दे रहे हैं। वहीं टैक्सी यूनियन का कहना है कि कोरोना आफत बनकर आआ है। कंपनियां भी कर्मचारियों को वर्क फॉर होम करने को कहा गया है ऐसे में उन्हे ग्राहक कहां से मिलेंगे। उन्होंने सरकार से मांग की है कि हालात ठीक होने तक बैंकों को उनकी ईएमआई टालने के लिए कहा जाए।
वहीं आमतौर पर ऐसा माना जाता है कि सार्वजनिक वाहनों के प्रयोग के बजाय ओला-ऊबर जैसी निजी टैक्सियों की सेवा लेने पर कोरोना वायरस के इन्फेक्शन की संभावना से बचा जा सकता है। लेकिन यह सही नहीं है क्योंकि भले ही ऐसा लगता हो कि हम ट्रैवल करते वक्त अकेले यात्रा करते हैं पर दिन भर में उसी टैक्सी में न जाने कितने लोगों ने ट्रैवेल किया होता है। इसके साथ ही ड्राइवर भी दिन भर में न जाने कितने लोगों के संपर्क में आता है। इसके अलावा टैक्सी में बैठते और उतरते वक्त हम कार की हैंडिल, गेट, एसी नॉब और न जाने कितनी चीजों को छूते हैं।
- कोरोना वायरस से बचने के लिए आप अपने साथ डिस्पोज़ेबल हैंड ग्लब्स और न्यूज पेपर रख सकते हैं।
- कार के किसी भी पार्ट को छूते वक्त न्यूज पेपर का प्रयोग कर सकते हैं या तो हैंड ग्लब्स लगा के ही छुएं।
- इसके अलावा अपने हाथ को लगातार धोते रहें और हाथों को सैनिटाइज़ करते रहें।
- मास्क को हमेशा लगा के रखे।
- इसके ड्राइवर के इन्फेक्टेड होने पर भी आपकी बचत हो सकेगी।
- ध्यान देने वाली बात ये है कि मास्क को भी समय समय पर बदलते रहें क्योंकि लगातार एक ही मास्क यूज़ करने से उससे भी इन्फेक्शन होने का खतरा रहता है।
- इसके साथ ही टैक्सी से उतरने के बाद सबसे पहले हाथ को धोएं या सैनिटाइज़ करें।
- वहीं बता दें कि कोरोना वायरस से बचने के लिए टैक्सी ड्राइवर द्वारा भी कुछ कदम उठाया जा सकता है, जैसे टैक्सी ड्राइवर को मास्क और रूमाल का प्रयोग करना चाहिए क्योंकि अगर कोई इन्फेक्टेड व्यक्ति ने टैक्सी में यात्रा की होगी तो उससे ड्राइवर को इन्फेक्शन हो सकता है और फिर ड्राइवर को माध्यम से दूसरे यात्रियों को भी कोरोना वायरस का संक्रमण फैल सकता है। इसके अलावा अगर कोरोना वायरस से इन्फेक्टेड व्यक्ति ने यात्रा करके उतर गया है तो भी आपको इन्फेक्शन हो सकता है।
- कार के किसी भी पार्ट को छूते वक्त न्यूज पेपर का प्रयोग कर सकते हैं या तो हैंड ग्लब्स लगा के ही छुएं।
- इसके अलावा अपने हाथ को लगातार धोते रहें और हाथों को सैनिटाइज़ करते रहें।
इस बात की भी जानकारी दें कि पिछले महीने मेक्सिको में ऊबर ने करीब 240 अकाउंट्स को सस्पेंड कर दिया। कंपनी ने ट्विटर पर एक बयान पोस्ट करते हुए कहा कि इन लोगों ने दो ऐसे ड्राइवर्स की कार में यात्रा की थी जिनको कोरोना वायरस का इन्फेक्शन होने का संदेह था। हालांकि भारत में अभी तक इस तरह का कोई कदम नहीं उठाया गया है।
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