UPI: कई सारे लोग दिसंबर से, फोन पे, गूगल पे, पेटीएम जैसे तमाम यूपीआई आधारित पेमेंट ऐप से लेन देन नहीं कर पाएंगे। उनका ऐप कार्य नहीं करेगा। अगर आप भी इन ऐप्स का उपयोग छोटे और बड़े सभी तरह के लिए करते हैं तो आपको यह जानना बेहद आवश्यक है कि इस कैटेगरी में आते हैं या नहीं आते हैं ?

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एनपीसीआई ने पेमेंट ऐप्स से 1 साल के ज्यादा वक्त से एक्टिव नहीं रहने वाले यूपीआई आईडी और नंबरों को निष्क्रिय करने के लिए कहा है। नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, 31 दिसंबर तक यह कार्य थर्ड पार्टी ऐप प्रोवाइडर और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स को लागू करना होगा।

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इसका सीधा मतलब यह है कि आपको 31 दिसंबर से पहले अपने पेमेंट ऐप से मिनिमम एक बार यूपीआई से पैसे ट्रांसफर जरूर कर लें। जो लोग हमेशा इसका इस्तेमाल करते हैं, उन्हें घबराने की आवश्कता नहीं है। उनका फोन पे, पेटीएम, व्हाट्सऐप पे, गूगल पे सब पहले की तरह चलेगा।

क्यों हो रही कार्यवाही ?

यूपीआई से संबंधित शिकायतों की भरमार है। एनपीसीआई को गलत ट्रांजैक्शन की ढेरों शिकायते हैं। कई लोग अपना मोबाइल नंबर बदल तो देते हैं पर यूपीआई अपडेट नहीं करते।

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आपका पुराना नंबर किसी और को अलॉट हो होता है और उसी नंबर के साथ यूपीआई भी एक्टिव रहता है। ऐसे में अगर आपके यूपीआई पर कोई पैसे भेजगा तो वह उस व्यक्ति के पास जाएगा।

आपका पुराना नंबर अलॉट है। एनपीसीआई को इसी कारण से यह कदम उठाने पड़ रहे हैं।

जानिए क्या होता हैं यूपीआई?

यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) डिजिटल भुगतान का एक आसान तरीका है, जो मोबाइल ऐप के जरिए आपके बैंक खाते से लिंक होता है। ये डिजिटल भुगतान का एक बेहद ही आसान तरीका है।

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इससे आप बेहद ही आसानी और बेहद सुरक्षित तरीके से अपने परिवार और दोस्तों को पैसा भेज सकते हैं। आप यूपीआई से अपने सभी तरह के बिल, ऑनलाइन शॉपिंग, फंड ट्रांसफर से कर सकते हैं।

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