नयी दिल्ली। इस समय पेट्रोल और डीजल के ऊंचे दाम आम जनता को खूब परेशान कर रहे हैं। विपक्ष केंद्र सरकार को इस मामले पर लगातार घेरने की कोशिश कर रहा है। यहां तक कि खुद केंद्र सरकार में ईंधन के बढ़े हुए दामों को लेकर चिंता दिखने लगी है। इस बीच पेट्रोल और डीजल का एक नया विकल्प सामने आया है। ये है सीएनजी। सीएनजी कोई नया विकल्प तो नहीं है, मगर इसे प्राप्त करने का एक नया जरिया सामने रखा गया है और वो है गाय का गोबर। ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच देश के राष्ट्रीय गाय आयोग ने भारत में लोगों को सस्ता ईंधन दिलाने के लिए गोबर से बनी प्राकृतिक गैस (सीएनजी) का उपयोग करने का सुझाव दिया है।
राष्ट्रीय गाय आयोग ने सुझाव दिया है कि गाय के गोबर से बनी सीएनजी से सस्ता ईंधन मिल सकता है। आयोग ने अपनी वेबसाइट पर एक डॉक्यूमेंट अपलोड किया है, जिसमें ये सुझाव दिया है। राष्ट्रीय कामधेनुयोग या आरकेए (राष्ट्रीय गाय आयोग) ने 'गौ उद्यमिता' को प्रोत्साहित करने के लिए कई प्रस्ताव रखे हैं। अपनी पहल के तहत आयोग ने गाय पर्यटन के अलावा वाहनों के लिए गाय के गोबर से बनी सीएनजी के पंपों का भी प्रस्ताव रखा है।
बता दें कि वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार गाय उद्यमिता के नजरिये पर आरकेए के कई वेबिनारों में चर्चा की गयी है। दुनिया भर के कई उद्यमियों ने इन सदाबहार संभावनाओं को तलाशना शुरू कर दिया है। ये प्राचीन ज्ञान के साथ नयी तकनीक है। बायोगैस का उपयोग ईंधन के रूप में लंबे समय से किया जा रहा है। उन्हें सिलेंडर में भरा जाता है और खाना पकाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
आरकेए का दावा है कि गोबर से ऊर्जा का उपयोग ट्रांसपोर्ट में भी किया जा सकता है। बड़े पैमाने पर इसका उत्पादन करके सीएनजी पंप स्थापित किए जा सकते हैं। इससे भारत में परिवहन उद्योग को सस्ती और आसानी से उपलब्ध होने वाली ऊर्जा उपलब्ध होगी। दिल्ली में पेट्रोल की कीमतें नये रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गयी हैं। वहीं भारत के अन्य हिस्सों, जैसे कि राजस्थान और मध्य प्रदेश में कीमतें पहले ही 100 रु से अधिक हो गई हैं।
आरकेए केंद्र सरकार के पशुपालन विभाग के अंतर्गत आता है। इसने दावा किया कि गाय के गोबर से भारी मुनाफा हो सकता है और कारोबार के शानदार अवसर मिल सकते हैं। गाय पर्यटन के तहत आयोग ने स्वास्थ्य लाभ के लिए 'काउ हगिंग' का आइडिया सामने रखा है। आरके के अनुसार भारत में 'गाय पर्यटन' की अवधारणा को गति मिलती दिख रही है।
आरकेए के अनुसार राजस्थान में, गोबर से बनी दीवारों और फर्श वाले गेस्ट हाउस हैं। वहां केवल ऑर्गेनिक फूड परोसे जाते हैं। ऐसे स्पॉट विदेशियों को आकर्षित कर रहे हैं। आरके के मुताबिक इस सेगमेंट में ढेर सारे रचनात्मक कारोबारी आइडिया हो सकते हैं।
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