Jalsakhi Yojana: उत्तराखंड सरकार राज्य की ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कई योजनाएं चलाती है। 'लखपति दीदी योजना' की सफलता के बाद, राज्य के अंतर्गत 1.63 लाख महिलाओं की वार्षिक आय 1 लाख रुपये से अधिक हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार ने महिलाओं के लिए एक और नई योजना शुरू करने की घोषणा की है। इस योजना का नाम 'जलसखी' योजना है, जिसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति और बिलिंग का कार्य महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को सौंपा जाएगा।

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जलसखी योजना से महिलाओं को मिलेगा ये फायदा

'हर घर नल' योजना के पूरा होने के बाद, पेयजल विभाग अब महिलाओं को पानी से जुड़े कामों में शामिल करने की तैयारी कर रहा है। 'जलसखी' योजना के तहत महिलाओं को पानी के बिल बांटने और किसी भी प्रकार की समस्या को सुधारने जैसे कार्य दिए जाएंगे।

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इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करना है। उत्तराखंड सरकार 'जलसखी', 'लखपति दीदी' और 'मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना' जैसी कई योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।

उत्तराखंड सरकार की यह पहल न केवल महिलाओं को रोजगार प्रदान करेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति और प्रबंधन को भी सुधारेगी। जलसखी योजना के अंतर्गत, महिला स्वयं सहायता समूहों को पानी के नए कनेक्शन देने, बिल बांटने या पानी से संबंधित किसी भी तरह की समस्या के निवारण में मदद करने जैसे कार्य सौंपे जाएंगे।

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महिलाओं को मिलेगी ये खास ट्रेनिंग

इसके अलावा, उन्हें पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए किट भी प्रदान की जाएगी। यदि कहीं पानी की आपूर्ति में कोई खराबी होती है, तो वे इसकी सूचना भी देंगी।

इस योजना के तहत चुनी गई महिला समूहों को 'नल जल मित्र' के रूप में ट्रेंन्ड किया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट के अंतर्गत, महिला समूहों को प्रत्येक बिल पर ₹10 का प्रोत्साहन और राजस्व का एक निश्चित हिस्सा मिलेगा। यह प्रोत्साहन महिलाओं को अधिक मेहनत और लगन से काम करने के लिए प्रेरित करेगा, जिससे योजना की सफलता सुनिश्चित हो सके। उत्तराखंड सरकार की यह अनूठी पहल ग्रामीण महिलाओं के जीवन में पॉजिटिव बदलाव लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।