Citius TransNet InvIT IPO का आज दूसरा दिन है और बाजार में इसे लेकर काफी हलचल दिख रही है। पहले दिन निवेशकों ने इसमें अच्छी दिलचस्पी दिखाई और यह इश्यू 66% सब्सक्राइब हो चुका है। 1,105 करोड़ रुपये के इस आईपीओ के जरिए कंपनी भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर से होने वाली कमाई का फायदा उठाना चाहती है। रिटेल और इंस्टीट्यूशनल निवेशक आज भी इसके सब्सक्रिप्शन आंकड़ों पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं।
अगर आप भी इस पब्लिक इश्यू में पैसा लगाना चाहते हैं, तो बता दें कि बिडिंग 21 अप्रैल तक खुली रहेगी। इसके लिए प्राइस बैंड 99 रुपये से 100 रुपये प्रति यूनिट तय किया गया है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि निवेशकों का यह रुझान रेगुलर इनकम देने वाले एसेट्स के प्रति उनकी बढ़ती पसंद को दर्शाता है। निवेशक अपने ब्रोकर के जरिए स्टैंडर्ड UPI पेमेंट प्रोसेस का इस्तेमाल कर आसानी से अप्लाई कर सकते हैं।
Citius TransNet InvIT IPO: सब्सक्रिप्शन के ताजा आंकड़े
पब्लिक इश्यू खुलने से पहले ही एंकर निवेशकों ने इसे एक मजबूत आधार दे दिया था। बिडिंग के पहले दिन क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) सबसे ज्यादा एक्टिव नजर आए। एनालिस्ट्स का कहना है कि ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) लंबी अवधि के निवेशकों के भरोसे को दिखा रहा है। अलग-अलग कैटेगरी के निवेशकों की भागीदारी से इसकी लिस्टिंग के लिए एक स्टेबल बेस तैयार हो रहा है।
| कैटेगरी | डिटेल्स |
|---|---|
| कुल इश्यू साइज | ₹1,105 करोड़ |
| प्राइस बैंड | ₹99 – ₹100 |
| पहले दिन का सब्सक्रिप्शन | 66% सब्सक्राइब हुआ |
| क्लोजिंग डेट | 21 अप्रैल, 2026 |
| अलॉटमेंट डेट | 24 अप्रैल, 2026 |
बिडिंग विंडो बंद होने के तुरंत बाद अलॉटमेंट की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक, यूनिट्स के डिस्ट्रीब्यूशन को 24 अप्रैल तक फाइनल कर लिया जाएगा। जिन निवेशकों को यूनिट्स अलॉट होंगी, उनके डीमैट अकाउंट में लिस्टिंग से पहले ही इन्हें क्रेडिट कर दिया जाएगा। आप रजिस्ट्रार की वेबसाइट पर जाकर अपने पैन (PAN) डिटेल्स के जरिए अलॉटमेंट स्टेटस चेक कर सकते हैं।
Citius TransNet InvIT IPO: कमाई और मुनाफे की कितनी है संभावना?
इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvIT) सामान्य इक्विटी शेयरों के मुकाबले निवेशकों को कुछ खास फायदे देते हैं। इनका मुख्य फोकस चालू प्रोजेक्ट्स से होने वाले कैश फ्लो के जरिए रेगुलर डिविडेंड देना होता है। Citius TransNet कई अहम यूटिलिटी कॉरिडोर्स का मैनेजमेंट करती है, जिससे इसके स्टेकहोल्डर्स को स्टेबल रिटर्न मिलने की उम्मीद रहती है। यह उन लोगों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है जो हाई-रिस्क कैपिटल ग्रोथ के बजाय एक तय और लगातार होने वाली इनकम चाहते हैं।
निवेशकों को शाम 5 बजे की डेडलाइन तक लाइव सब्सक्रिप्शन आंकड़ों को ट्रैक करना चाहिए। इसकी लिस्टिंग अगले हफ्ते की शुरुआत में स्टॉक एक्सचेंज पर होने की संभावना है। इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की ग्रोथ से पैसिव इनकम कमाने की चाहत रखने वालों के लिए यह एक रणनीतिक मौका हो सकता है। जैसे-जैसे बिडिंग अपने आखिरी दौर में पहुंच रही है, बाजार में इसे लेकर चर्चा काफी तेज है।
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