Uttar Pradesh government news: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 25 सहकारी गन्ना एवं चीनी मिल समितियों के नवनिर्मित भवनों का लोकार्पण किया और राज्य गन्ना उत्पादन प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने केमिकल, फर्टिलाइजर और पेस्टिसाइड के प्रयोग से धरती की घट रही उर्वरा शक्ति पर चिंता जताई।

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केमिकल और फर्टिलाइजर इत्यादि के अंधाधुंध प्रयोग से हमें बचना होगा। इसके अधिक प्रयोग से कैंसर जैसी घातक बीमारी से लोग ग्रस्त हो रहे हैं। जब धरती माता की सेहत सुरक्षित रहेगी, तो हम सब भी सुरक्षित रहेंगे और किसानों का भी हित सुरक्षित रहेंगा। ऐसे में हमें प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ना होगा।

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योगी ने बीते 6 वर्षों में गन्ना किसानों के लिए किए गए कार्यों की जानकारी विस्तार से दी। उन्होंने कहा कि पहले गन्ना पर्ची के लिए मारामारी होती थी और घटतौली से गन्ना किसान परेशान था। अब हमारी सरकार में आनलाइन गन्ना पर्ची उपलब्ध कराई जा रही है, और घटतौली पर भी शिकंजा कस दिया गया है। वर्ष 2007 से लेकर वर्ष 2017 तक गन्ना किसानों को गन्ना मूल्य का एक लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। वहीं बीते छह वर्षों में 2.13 लाख करोड़ से अधिक धन राशि का भुगतान किया गया।

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यूपी सर्वाधिक गन्ना उत्पादन चीनी उत्पादन के साथ-साथ एथेनाल उत्पादन और खांडसारी उत्पादन में भी अव्वल है। अब गन्ना किसान 47 लाख से बढ़कर 60 लाख हो गए हैं। योगी ने कहा कि पहले किसानों को गन्ना मूल्य के भुगतान के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था, मगर जब से हमारी सरकार आई है इसमें सुधार किया गया।

अब 118 में से 100 चीनी मिले ऐसी हैं जिन्होंने हफ्ते से लेकर 10 दिनों में किसानों को उनके गन्ना मूल्य का भुगतान किया। बाकी भी जल्द यह कार्य करेंगी। योगी ने कहा कि चौधरी चरण सिंह को किसानों का मसीहा कहा गया और वर्ष 1980 में उन्होंने छपरौली में चीनी मिल खोलने का सपना देखा था। उसके बाद न जाने कितनी सरकारें आई, लेकिन किसी ने यह कार्य नहीं किया।

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हमारी सरकार ने छपरौली में चीनी मिल बनवाई और बस्ती में भी जहां चीनी मिल बंद होने पर पूर्वर्ती सरकार ने गोली चलवाई थी। डबल इंजन सरकार में किसानों हित में लगातार कार्य करने में जुटी हुई है। कार्यक्रम में चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा की पहले चीनी मिलें बंद की जाती थी या बेच दी जाती थी अब खोली जा रही हैं। आज हम गन्ना उत्पादन के मामले में देश में अग्रणी हैं।